इलेक्ट्रिक टूव्हीलर खरीदारों और ऑटो इंडस्ट्री के लिए राहत भरी खबर है. भारी उद्योग मंत्रालय इलेक्ट्रिक टूव्हीलर्स के लिए सब्सिडी की सीमा/डेडलाइन बढ़ाने पर विचार कर रहा है. PM EDRIVE योजना के तहत आबंटित फंड की मजबूत खपत को देखते हुए सरकार इस स्कीम के लिए अतिरिक्त बजटीय सहायता का इंतजाम कर सकती है.

अधिकारियों ने बताया कि भारी उद्योग मंत्रालय देश में बने इलेक्ट्रिक टूव्हीलर्स के लिए सब्सिडी को 31 जुलाई के बाद भी जारी रखने पर विचार कर रहा है. इसके लिए अतिरिक्त बजट की जरूरत होगी क्योंकि 10,900 करोड़ रुपए वाली PM EDrive स्कीम के तहत फंड पहले ही आवंटित किए जा चुके हैं. देश में बने इलेक्ट्रिक टूव्हीलर्स के लिए सब्सिडी की रकम प्रति गाड़ी लगभग 5,000 रुपए ही रहने की संभावना है.
2024 में शुरू हुई थी स्कीम
सितंबर 2024 में शुरू की गई PM EDrive स्कीम के तहत 25 लाख e2w की बिक्री का लक्ष्य रखा गया था, जिसके मुकाबले भारत में 27 लाख e2w की बिक्री दर्ज की गई है. इंडस्ट्री ने 2,89,000 इलेक्ट्रिक थ्रीव्हीलर्स के लक्ष्य के मुकाबले 2,97,000 इलेक्ट्रिक थ्रीव्हीलर्स भी बेचे हैं. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। एक सीनियर अधिकारी ने ईटी की रिपोर्ट में कहा कि e2w के लिए सब्सिडी बढ़ाने के प्रस्तावों पर विचार किया जा रहा है.
आवंटन और खर्च
केंद्र सरकार ने PM EDrive स्कीम के तहत देश में बने e2w पर सब्सिडी देने के लिए 1,772 करोड़ रुपए आवंटित किए थे. आधिकारिक अनुमानों के अनुसार, मार्च के आखिर तक e2w पर सब्सिडी देने के लिए 1,259.91 करोड़ रुपए खर्च किए गए. इलेक्ट्रिक थ्रीव्हीलर्स के लिए भी 907 करोड़ रुपए आवंटित किए गए थे, जिसमें से ₹737.35 करोड़ खर्च हुए.
PM EDrive के तहत सब्सिडी आवंटन में इलेक्ट्रिक बसों को सबसे बड़ा हिस्सा मिला है. इस स्कीम में बड़े शहरों में 14,028 इलेक्ट्रिक बसें चलाने के लिए ₹4,391 करोड़ आवंटित किए गए हैं. इनमें से 13,800 बसों की खरीद प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जिसमें पहले टेंडर के तहत 10,900 बसें और दूसरे टेंडर के तहत 2,900 बसें शामिल हैं. अधिकारी ने कहा PM EDrive स्कीम में आवंटित सभी फंड पहले ही इस्तेमाल के लिए तय किए जा चुके हैं.



