होर्मुज में तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। अमेरिका और ईरान एक दूसरे ठिकानों पर लगातार हमला कर रहे हैं। वहीं, अमेरिकी सेना ने सोमवार देर रात ईरान पर नए हमलों का दौर शुरू कर दिया है।

होर्मुज में तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। अमेरिका और ईरान एक दूसरे ठिकानों पर लगातार हमला कर रहे हैं। वहीं, अमेरिकी सेना ने सोमवार देर रात ईरान पर नए हमलों का दौर शुरू कर दिया है। यह लगातार दसवीं रात है जब अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के प्रयास में ईरानी सैन्य ठिकानों पर हमले कर रहा है।

यूएस सेंट्रल कमांड ने ट्वीट कर बताया कि कमांडरइनचीफ के आदेश पर शाम 4 बजे ईरान के खिलाफ हमलों का नया दौर शुरू किया गया। इन हमलों का उद्देश्य ईरान की उन सैन्य क्षमताओं को और कमजोर करना है जिनका इस्तेमाल होर्मुज जलडमरूमध्य में कमर्शियल जहाजों पर हमलों के लिए किया जा रहा है।

ये हमले एक अमेरिकी सैनिक की मौत के बाद और ईरान द्वारा अमेरिकी सहयोगी देशों कुवैत, जॉर्डन तथा बहरीन पर हमले करने के बाद किए गए हैं।

होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यापारिक जहाजों की आवाजाही लगभग ठप हो गई है और दोनों पक्षों के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। अमेरिका का कहना है कि ये कार्रवाई ईरान की समुद्री गतिविधियों को रोकने और क्षेत्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है।

संकट बढ़ने के साथ ही कच्चे तेल की कीमतें भी तीन प्रतिशत बढ़कर 90 डॉलर प्रति बैरल तक जा पहुंची हैं। अमेरिका में भी तेल महंगा हुआ और चार डालर प्रति गैलन तक जा पहुंचा।

इससे नवंबर में होनेवाले मध्यावधि चुनावों को लेकर राष्ट्रपति ट्रंप पर दबाव बढ़ गया है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, दोनों पक्षों ने सोमवार को बातचीत फिर से शुरू करने के संकेत दिए हैं।

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने ज्यादा जानकारी न देते हुए केवल इतना बताया कि ईरान को तनाव घटाने के लिए विचार मिले हैं। वहीं, ट्रंप प्रशासन ने भी नई बातचीत में शामिल होने के लिए संकेत दिए हैं।

पश्चिम एशिया में बड़ी संख्या में लड़ाकू विमान भेजे जा रहे हैं

विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने पत्रकारों से कहा कि अगर बातचीत के दरवाजे खुलते हैं, तो हम इसका स्वागत करेंगे। हालांकि, उन्होंने कहा कि हमारा बेहतर व्यवहार देखने के लिए दूसरे पक्ष को भी अच्छा बर्ताव करना होगा।

हालांकि, दोनों पक्ष इतनी जल्दी समझौते पर पहुंच सकेंगे, इसमें संदेह है क्योंकि अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि पश्चिम एशिया में बड़ी संख्या में लड़ाकू विमान भेजे जा रहे हैं।

इससे संकेत मिला कि ट्रंप प्रशासन अपने हमलों को तेज करने की तैयारी कर रहा है। भारत समेत तमाम देश अपने नागरिकों को पश्चिम एशिया से निकलने के निर्देश जारी कर रहे हैं।