बरसात का मौसम बेहद खूबसूरत होता है लेकिन बारिश के दिनों में बीमारियों का रिस्क बढ़ जाता है. बरसात में नमी बढ़ने की वजह से बैक्टीरिया, वायरस और फंगस तेजी से पनपने लगते हैं. जगहजगह पानी भरने की वजह से मच्छर की संख्या तेजी से बढ़ जाती है. ऐसे में डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया का जोखिम बढ़ जाता है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। बरसात के मौसम इन बीमारियों से बचाव के लिए आयुष मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर बीमारियों से बचाव के टिप्स के बारे में बताया है.

भीगे हुए कपड़े बदलें
बारिश में भीगना लोगों को पसंद होता है. लंबे समय तक गीले कपड़े में रहना सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है. गीले हुए कपड़ों में नमी की वजह से फंगस और बैक्टीरिया तेजी बढ़ने लगते हैं. खुजली, दाद, रैशेज और स्किन से जुड़ी समस्या हो सकती है. बारिश में भीग जाने के बाद घर पहुंचते ही तुरंत सूखे और साफ कपड़े पहन लें.
घर से आसपास सफाई रखें
बारिश के मौसम में शरीर की सफाई के साथसाथ अपने आसपास सफाई का ध्यान रखें. घर के आसपास पानी भरने से मच्छर के पनपने की संभावना बढ़ जाती है. जिस वजह से डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया फैल सकती है. घर की छत, गमलों, कूलर,बाल्टी, टायर जैसी चीजों पर पानी जमा ना होने दें.
साबुन से हाथ पैर धोएं
बरसात के मौसम में सफाई का काफी ध्यान रखना चाहिए. दिनभर में हम कई ऐसी चीजों को छूते हैं जिन पर कीटाणु हो सकते हैं. ऐसे में बिना हाथ धोए खाना खआए चेहरे को छूने से संक्रमण का रिस्क बढ़ जाता है. भारतीय आयुष मंत्रालय के अनुसार साबुन और साफ पानी से हाथ धोने से संक्रामक से बचाव मिल सकता है. खाना खाने से पहले हाथ जरूर धोना चाहिए.
पैरों को साफ रखें
बारिश के दिनों में पैर लंबे समय तक गीले रहने से फंगल संक्रमण का कारण बन सकता है. बरसात के मौसम में सड़कों पर पानी भरा रहता है. ऐसे में पैर लंबे समय तक गीले रहते हैं. गीले जूते और मोजे की वजह से फंगल संक्रमण का रिस्क बढ़ सकता है. आयुष मंत्रालय के अनुसार पैरों को साफ और सूखा रखना चाहिए. इससे फंगल और इंफेक्शन से बचाव मिल सकता है.



