कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने नियोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए ‘VISHWAS 2026’ नाम से एक विशेष एकमुश्त विवाद निपटान योजना शुरू की है. श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के तहत शुरू की गई यह योजना उन नियोक्ताओं के लिए है, जिनके EPF से जुड़े पेनाल्टी या हर्जाने के मामले लंबे समय से लंबित हैं. यह योजना 29 जून से शुरू होकर छह महीने तक लागू रहेगी. इस दौरान पात्र नियोक्ता पूरी तरह ऑनलाइन और तय समय सीमा के भीतर अपने मामलों का निपटारा करा सकेंगे.

किन मामलों को मिलेगा योजना का लाभ?
VISHWAS 2026 के तहत कई तरह के मामलों को शामिल किया गया है. इसमें वे मामले भी आएंगे, जिनमें पेनाल्टी या हर्जाने के आदेश को अदालत या अन्य न्यायिक मंच पर चुनौती दी गई है. इसके अलावा जिन मामलों में अंतिम आदेश जारी हो चुका है लेकिन वसूली पूरी नहीं हुई है या आंशिक वसूली हुई है, वे भी इस योजना के दायरे में आएंगे. रिकवरी सर्टिफिकेट वाले मामलों को भी इसमें शामिल किया गया है.
योजना का लाभ उन मामलों में भी मिलेगा, जिनमें नोटिस जारी हो चुका है लेकिन अंतिम आदेश अभी नहीं आया है. यहां तक कि जिन मामलों में अभी तक नोटिस जारी नहीं हुआ है, वे भी निर्धारित शर्तों के अनुसार इस योजना के तहत आवेदन कर सकेंगे.
कम दरों पर दोबारा तय होगी पेनाल्टी
EPFO ने बताया है कि 14 जून 2024 से पहले की गई डिफॉल्ट से जुड़े मामलों में पेनाल्टी और हर्जाने की राशि को रियायती दरों पर दोबारा तय किया जाएगा. नई दरों के अनुसार, दो महीने तक की देरी पर 0.25% प्रति माह, दो महीने से चार महीने से कम की देरी पर 0.50% प्रति माह और चार महीने से अधिक की देरी पर 1% प्रति माह की दर से पेनाल्टी या हर्जाना तय किया जाएगा. सरकार का मानना है कि इससे पुराने विवाद जल्दी सुलझेंगे और कानूनी मामलों की संख्या भी कम होगी.
योजना का लाभ लेने के लिए क्या करना होगा?
VISHWAS 2026 का लाभ लेने के लिए नियोक्ताओं को पहले यह सुनिश्चित करना होगा कि संबंधित EPF योजना के तहत देय पूरा ब्याज जमा कर दिया गया है. इसके बाद ही वे इस योजना के तहत आवेदन कर सकेंगे. आवेदन के साथ नियोक्ताओं को एक लिखित घोषणा भी देनी होगी कि जिस विवाद का निपटारा इस योजना के तहत हो जाएगा, उसके खिलाफ वे आगे किसी अदालत या अन्य मंच पर अपील नहीं करेंगे.
नियोक्ताओं और EPFO दोनों को होगा फायदा
विशेषज्ञों का मानना है कि यह योजना न केवल नियोक्ताओं को लंबे समय से चल रहे विवादों से राहत देगी, बल्कि EPFO को भी लंबित मामलों के तेजी से निपटारे में मदद मिलेगी. पूरी प्रक्रिया डिजिटल होने से पारदर्शिता बढ़ेगी और समय की भी बचत होगी. ऐसे में VISHWAS 2026 को नियोक्ताओं और EPFO, दोनों के लिए लाभकारी पहल माना जा रहा है.



