आईटी शेयरों में तेजी के बीच विप्रो के शेयर कमजोर तिमाही नतीजों और प्रबंधन की सतर्क टिप्पणी के कारण 3% तक गिरे, जबकि टेक महिंद्रा के शेयरों में उछाल देखा गया।

शेयर बाजार में तगड़ी पिटाई झेल चुके आईटी शेयरों में पिछले कुछ दिनों से लगातार तेजी देखने को मिल रही है। खासकर तिमाही नतीजों के बाद आईटी शेयरों में तेजी और बढ़ी है। आज के कारोबारी सत्र में भी निफ्टी इंडेक्स करीब 2 फीसदी तक चढ़ गया है। टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक, इंफोसिस और टीसीएस के शेयरों में तेजी के साथ कारोबार हो रहा है, जबकि तिमाही नतीजों के बाद विप्रो के शेयरों में गिरावट आई है।

शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में विप्रो लिमिटेड के शेयरों में लगभग 3 प्रतिशत की गिरावट आई और यह निफ्टी 50 पर सबसे ज़्यादा गिरने वाला शेयर बन गया। शेयरों में यह गिरावट जून तिमाही के कमज़ोर प्रदर्शन, सितंबर तिमाही के लिए कमज़ोर रेवेन्यू गाइडेंस और एंटरप्राइज़ टेक्नोलॉजी पर खर्च को लेकर मैनेजमेंट की सतर्क टिप्पणी के बाद आई है।

कैसे रहे विप्रो के Q1 रिजल्ट?

  • अप्रैलजून तिमाही में विप्रो का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफ़िट 3,352 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 0.6 प्रतिशत ज़्यादा है।
  • कंपनी का रेवेन्यू 10.6 प्रतिशत बढ़कर 24,479 करोड़ रुपये हो गया, लेकिन यह एनालिस्ट्स के अनुमान से कम रहा।
  • कंपनी ने सितंबर तिमाही के लिए IT सर्विसेज़ रेवेन्यू में 1.5 प्रतिशत की गिरावट से लेकर 0.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी का अनुमान जताया है।

वहीं, ब्रोकरेज फर्म ने टेक महिंद्रा के तिमाही नतीजों को सराहा है। इनमें Q1 में उम्मीद से बेहतर रेवेन्यू और कई बड़े डील मिलना, Q2 में भी तेज़ी बनी रहने की उम्मीद और FY27 के लिए EBIT मार्जिन के अनुमान को दोहराया गया।

मैनेजमेंट की कमेंट्री से डरे निवेशक

विप्रो के मैनेजमेंट ने कहा कि मैक्रोइकोनॉमिक अनिश्चितता के बावजूद डिमांड का माहौल मोटे तौर पर वैसा ही बना हुआ है। क्लाइंट्स लागत कम करने और वेंडर कंसोलिडेशन को प्राथमिकता दे रहे हैं, साथ ही वे ज़रूरी न होने वाले टेक्नोलॉजी खर्च को लेकर सतर्क हैं। कंपनी की इस कमेंट्री के बाद निवेशकों ने शेयर में बिकवाली शुरू कर दी।