अगर आप वरिष्ठ नागरिक हैं और अपनी बचत पर सुरक्षित और बेहतर रिटर्न चाहते हैं, तो फिक्स्ड डिपॉजिट आपके लिए अच्छा विकल्प हो सकता है. जुलाई में कई बैंक सीनियर सिटीजंस को 8.50% तक ब्याज की पेशकश कर रहे हैं. खास बात यह है कि सबसे ज्यादा ब्याज देने वालों में स्मॉल फाइनेंस बैंक शामिल हैं, जबकि कई निजी बैंक भी 7.75% से 8% तक का आकर्षक रिटर्न दे रहे हैं.

8.50% तक ब्याज देने वाले बैंक
इस समय इक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक और शिवालिक स्मॉल फाइनेंस बैंक वरिष्ठ नागरिकों को फिक्स्ड डिपॉजिट पर 8.50% तक सालाना ब्याज दे रहे हैं. अगर आप सुरक्षित निवेश के साथ अधिक रिटर्न चाहते हैं, तो ये बैंक आपके लिए अच्छे विकल्प हो सकते हैं.
इसके अलावा जन स्मॉल फाइनेंस बैंक और उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक अधिकतम 8.30%, जबकि ESAF स्मॉल फाइनेंस बैंक और सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक अधिकतम 8.25% तक ब्याज दे रहे हैं.
निजी बैंकों में भी मिल रहा अच्छा रिटर्न
सिर्फ स्मॉल फाइनेंस बैंक ही नहीं, कई निजी बैंक भी वरिष्ठ नागरिकों को आकर्षक ब्याज दरें दे रहे हैं.
- DCB बैंक 8.00%
- बंधन बैंक 7.95%
- जम्मू एंड कश्मीर बैंक 7.80%
- SBM बैंक इंडिया 7.80%
- इंडसइंड बैंक 7.75%
- यस बैंक 7.75%
हालांकि, ब्याज दरें FD की अवधि के अनुसार अलगअलग हो सकती हैं. इसलिए निवेश से पहले संबंधित बैंक की वेबसाइट या शाखा से नवीनतम दरों की पुष्टि करना जरूरी है.
निवेश से पहले इन बातों का रखें ध्यान
विशेषज्ञों का कहना है कि सिर्फ अधिक ब्याज देखकर निवेश का फैसला नहीं करना चाहिए. बैंक की विश्वसनीयता, जमा राशि पर मिलने वाला बीमा कवर, समय से पहले FD तोड़ने पर लगने वाला जुर्माना और अपनी वित्तीय जरूरतों को भी ध्यान में रखना चाहिए.
यदि आपकी जमा राशि ₹5 लाख तक है, तो यह डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन के तहत बीमित रहती है. बड़ी राशि निवेश करने वाले लोग चाहें तो अलगअलग बैंकों में निवेश करके जोखिम कम कर सकते हैं.
किसके लिए है बेहतर विकल्प?
जो वरिष्ठ नागरिक नियमित और निश्चित आय चाहते हैं तथा बाजार के उतारचढ़ाव से बचना चाहते हैं, उनके लिए FD अब भी सबसे लोकप्रिय निवेश विकल्पों में से एक है. मौजूदा ब्याज दरों को देखते हुए यह लंबी अवधि के लिए निवेश करने का अच्छा मौका माना जा सकता है. हालांकि, निवेश से पहले बैंक की शर्तों, FD की अवधि और ब्याज भुगतान के नियमों को अच्छी तरह समझ लेना चाहिए, ताकि आपकी जरूरत और वित्तीय लक्ष्य के अनुसार सही विकल्प चुना जा सके.



