ऊना। हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव को अभी करीब एक साल का समय बाकी है, लेकिन प्रदेश में सियासी पारा अभी से चढ़ने लगा है। चुनावी माहौल के बीच भाजपा और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग भी तेज हो गई है। इसी बीच भाजपा सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने कांग्रेस को ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर घेरते हुए तीखा हमला बोला है। अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस की चुनावी राजनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब कांग्रेस चुनाव जीतती है तो उसे चुनाव प्रक्रिया में सब कुछ ठीक नजर आता है, लेकिन हारते ही कभी ईवीएम, कभी चुनाव आयोग और कभी वोट चोरी के आरोप लगाने शुरू कर देती है।

 

ऊना जिले के बंगाणा और अम्ब में आयोजित जनसभाओं को संबोधित करते हुए अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को ऐसी सरकार चाहिए जो रिमोट कंट्रोल से चले, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसी के रिमोट से नहीं चलते। प्रधानमंत्री देशहित में स्वतंत्र फैसले लेते हैं और मजबूत नेतृत्व के साथ देश को आगे बढ़ा रहे हैं।

कांग्रेस जीते तो लोकतंत्र सही, हारे तो वोट चोरी!

अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि चुनाव में जीत मिलने पर कांग्रेस को न ईवीएम से परेशानी होती है और न ही चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली से कोई शिकायत रहती है। लेकिन जैसे ही चुनावी नतीजे उसके खिलाफ आते हैं, पार्टी चुनावी व्यवस्था पर सवाल उठाने लगती है।

 

 

उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास वोट चोरी के आरोपों को साबित करने के लिए कोई ठोस सबूत नहीं है। केवल आरोप लगाने और अपनी फीलिंग के आधार पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कटघरे में खड़ा करना उचित नहीं है। कांग्रेस एसआईआर यानी मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर भी बेवजह सवाल उठा रही है।

दिल्ली में कल ‘वोट चोरी’ पर कांग्रेस का बड़ा शक्ति प्रदर्शन

अनुराग ठाकुर का यह बयान ऐसे समय आया है, जब कांग्रेस और विपक्षी INDIA गठबंधन एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में वोट चोरी के मुद्दे पर बड़ी रैली करने जा रहे हैं। विपक्ष इस रैली के जरिए कथित चुनावी अनियमितताओं और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठाने की तैयारी में है।

 

रैली में विपक्षी दलों के नेताओं के शामिल होने की संभावना है। कांग्रेस ने इस आयोजन के जरिए केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ अपना अभियान तेज करने की रणनीति बनाई है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। विपक्ष की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी उठाई जा रही है। ऐसे में दिल्ली की यह रैली भाजपा और विपक्ष के बीच एक बार फिर चुनावी पारदर्शिता और वोट चोरी के मुद्दे पर राजनीतिक टकराव का बड़ा मंच बनने जा रही है।

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मोदी कांग्रेस के रिमोट से नहीं चलते

अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस को ऐसी सरकार पसंद है, जिसे रिमोट कंट्रोल से चलाया जा सके, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देशहित में फैसले लेने वाले नेता हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसी के दबाव में काम नहीं करते, बल्कि मजबूत नेतृत्व के साथ देश के हित में निर्णय लेते हैं। उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर आरोप लगाया कि वोट चोरी के मुद्दे को लेकर वे अलग-अलग संवैधानिक संस्थाओं के दरवाजे खटखटा रहे हैं, लेकिन आरोपों के समर्थन में ठोस प्रमाण सामने नहीं रख पा रहे हैं। उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं से भी आह्वान किया कि वे कांग्रेस के आरोपों का जवाब तथ्यों के साथ जनता के बीच जाकर दें।

टिकट के नारों पर अनुराग का जवाब

जनसभा के दौरान कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र की राजनीति भी चर्चा में आ गई। जब अनुराग ठाकुर मंच से संबोधित कर रहे थे तो युवा मोर्चा के कुछ कार्यकर्ता दविंदर कुमार भुट्टो के समर्थन में नारे लगाने लगे। इस दौरान मंच पर पूर्व मंत्री वीरेंद्र कंवर भी मौजूद थे। कार्यकर्ताओं की नारेबाजी के बीच अनुराग ठाकुर ने स्पष्ट किया कि वह कुटलैहड़ में भाजपा का टिकट बांटने नहीं आए हैं। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में किसे उम्मीदवार बनाया जाएगा, इसका फैसला पार्टी हाईकमान ही करेगा।

 

 

कुल मिलाकर हिमाचल में विधानसभा चुनाव से पहले ही भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। एक तरफ कांग्रेस दिल्ली में वोट चोरी के मुद्दे पर विपक्षी दलों के साथ शक्ति प्रदर्शन की तैयारी में है, तो दूसरी तरफ भाजपा नेता कांग्रेस के आरोपों को लेकर हमलावर हैं। ऐसे में दिल्ली की रैली से उठने वाले राजनीतिक संदेश और हिमाचल में भाजपा-कांग्रेस की आगे की रणनीति पर सबकी नजरें रहेंगी।