: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिला जेल में बंद मुस्कान और रविता ने के लिए चूड़ियां और बिंदी मांगी हैं। सोमवार को संजीवनी महिला संस्था की टीम महिला बंदियों के लिए पूजा और श्रृंगार का सामान लेकर जेल पहुंची थी। हालांकि, मुस्कान और रविता करवाचौथ का व्रत रखेंगी या नहीं, इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है। जेल प्रशासन के अनुसार, नियमों के तहत महिला बंदियों को व्रत रखने और पूजा करने की अनुमति है।

मुस्कान और रविता ने मांगी चूड़ीबिंदी

संजीवनी महिला संस्था की सचिव पारुल बंसल के मुताबिक, मुस्कान ने करवाचौथ के लिए चूड़ियां और बिंदी मांगी है। रविता ने भी इसी तरह की मांग की है। संस्था महिला बंदियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उन्हें पूजा और श्रृंगार का सामान उपलब्ध करा रही है। हालांकि, चूड़ीबिंदी मांगने के आधार पर यह नहीं कहा जा सकता कि दोनों करवाचौथ का व्रत भी रखेंगी। फिलहाल उनके व्रत रखने को लेकर कोई पुष्टि नहीं हुई है।

जेल में व्रत और पूजा की क्या है व्यवस्था?

मेरठ जिला जेल के वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। वीरेश राज शर्मा ने बताया कि जेल में बंद महिला कैदी अपनी इच्छा से करवाचौथ का व्रत रख सकती हैं। जेल मैनुअल के नियमों के अनुसार, उनके लिए पूजा और फलाहार की व्यवस्था की जाती है। जिन महिला बंदियों के पति दूसरे शहरों में रहते हैं, वे पति की तस्वीर या उनकी किसी निशानी को सामने रखकर पूजा कर सकती हैं। यदि पतिपत्नी दोनों जेल में बंद हों, तो नियमों के तहत मुलाकात की व्यवस्था की जा सकती है। जेल से बाहर रहने वाले पति के आने पर भी निर्धारित नियमों के अनुसार मुलाकात कराई जाती है। हालांकि, जेल प्रशासन के मुताबिक, मुस्कान और साहिल तथा रविता और अमरदीप को जेल में पतिपत्नी की तरह मुलाकात की अनुमति नहीं दी जा सकती, क्योंकि वे कानूनी रूप से पतिपत्नी नहीं हैं।

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महिला बंदियों को आत्मनिर्भर बनाने में जुटी संस्था

संजीवनी महिला संस्था लंबे समय से जेल में बंद महिलाओं और उनके बच्चों के लिए सामाजिक कार्य कर रही है। संस्था महिला बंदियों को अलगअलग हुनर सिखाने के साथ उनके बच्चों की पढ़ाई और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी काम करती है। संस्था की सचिव पारुल बंसल के अनुसार, महिला बंदियों को मोमबत्ती बनाना सिखाया गया है। इस प्रशिक्षण के लिए नाम दर्ज कराने वालों में मुस्कान भी शामिल थी। इससे पहले वह ब्यूटीशियन का कोर्स कर चुकी है और जेल में रहकर राखियां बनाना भी सीख चुकी है। संस्था का उद्देश्य महिला बंदियों को कौशल प्रशिक्षण देकर उन्हें भविष्य में आत्मनिर्भर बनने के अवसर उपलब्ध कराना है। वहीं, करवाचौथ को लेकर जेल में तैयारियां जारी हैं, लेकिन मुस्कान और रविता के व्रत रखने का फैसला अभी स्पष्ट नहीं है।

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