Maulana Jarjis AnsariLord Krishna statement: इस्लामिक स्कॉलर मौलाना जर्जिस अंसारी के भगवान श्रीकृष्ण को लेकर विवादित बयान पर हिंदू संगठनों और संत समाज में भारी नाराजगी है. मौलाना के एक वायरल वीडियो में भगवान श्रीकृष्ण को पांच वक्त का नमाजी बताया गया है. वीडियो सामने आने के बाद लखनऊ में हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता गुरुवार को हजरतगंज थाने पहुंचे और मौलाना जर्जिस अंसारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग करते हुए तहरीर दी. संगठन के पदाधिकारियों का आरोप है कि इस तरह के बयान करोड़ों हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले हैं और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश हैं.

वायरल वीडियो में मौलाना जर्जिस अंसारी कहते दिख रहे हैं कि ‘अगर कोई बुरा न माने तो मैं कहना चाहूंगा कि भगवान कृष्ण भी पांच वक्त की नमाज पढ़ते थे. यदि इस पर विश्वास न हो तो श्रीमद्भगवद्गीता के छठे अध्याय का 10वां श्लोक देखिए योगी युञ्जीत सततमात्मानं एकाकी… मौलाना ने इस श्लोक की व्याख्या करते कहा कि भगवान श्रीकृष्ण अर्जुन से पूरे शरीर के साथ ईश्वर की उपासना करने की बात कह रहे हैं. पूरे शरीर के साथ इबादत या पूजा करने का संदेश दिया गया है, यानी पूजा केवल खड़े होकर नहीं, बल्कि पूरे शरीर की सहभागिता के साथ होनी चाहिए.’
मौलाना ने आगे कहा कि यदि हिंदू समाज अपने धार्मिक ग्रंथों का गहराई से अध्ययन करे, तो उन्हें इस्लाम धर्म की शिक्षाएं अच्छी लगेंगी. मौलाना के अनुसार, हिंदू धार्मिक ग्रंथों में इस्लाम को एक वैश्विक धर्म के रूप में दर्शाया गया है. बताया जा रहा है कि यह वीडियो 23 जून 2026 को झारखंड में आयोजित एक धार्मिक सभा का है, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है. हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.
संत समाज में नाराजगी
मौलाना के बयान पर संत समाज ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. संतों का कहना है कि भगवान श्रीकृष्ण सनातन धर्म के आराध्य हैं और उनके बारे में इस प्रकार के दावे पूरी तरह निराधार हैं. उनका आरोप है कि ऐसे बयान धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और समाज में वैमनस्य फैलाने का प्रयास हैं. तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर परमहंस आचार्य ने कहा कि मौलाना का बयान तथ्यहीन है. साक्ष्यहीन है. साथ ही देश में अशांति फैलाने वाला है. भगवान श्रीकृष्ण लीलाधारी हैं. वो परमात्मा है. नमाज भारतीय संस्कृति विरोधी है.
हिंदू संगठनों ने की कार्रवाई की मांग
हिंदू संगठन के प्रतिनिधियों ने हजरतगंज थाने पहुंचकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की. संगठन के पदाधिकारी शिशिर चतुर्वेदी ने कहा कि इस तरह के विवादित बयानों पर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में कोई भी धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ न कर सके. यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब मथुरा स्थित श्रीकृष्ण जन्मभूमिशाही ईदगाह परिसर को लेकर न्यायालयों में सुनवाई चल रही है. ऐसे में मौलाना का बयान नया विवाद खड़ा करता नजर आ रहा है.



