जहां एक ओर मुकेश अंबानी के जियो की चर्चा ना सिर्फ भारत में बल्कि दुनिया के बाकी हिस्सों में हो रही है. वहीं दूसरी ओर अडानी भी यूरोप में एक बड़ी शॉपिंग करने जा रहे हैं. मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने बताया कि भारत के सबसे अमीर व्यक्ति और अरबपति गौतम अडानी, डच एनर्जी स्टोरेज ग्रुप VTTI को खरीदने पर विचार कर रहे हैं. सप्लाई में रुकावटों के कारण एनर्जी ट्रेडिंग के लिए ऐसी सुविधाएं और भी कीमती हो गई हैं. इन लोगों के अनुसार, अडानी ग्रुप उन कंपनियों में शामिल है जो रॉटरडैम स्थित VTTI को खरीदने का वैल्यूएशन कर रही हैं. उन्होंने बताया कि इस डील में कंपनी की वैल्यू लगभग 3 अरब यूरो करीब 33 हजार करोड़ रुपए आंकी जा सकती है.

क्या काम करती है VTTI?
ऑस्ट्रेलियाई इंफ्रास्ट्रक्चर मैनेजर IFM इन्वेस्टर्स प्राइवेट लिमिटेड और एनर्जी व कमोडिटी ग्रुप विटोल SA, दोनों की VTTI में लगभग 4545% हिस्सेदारी है, जबकि बाकी 10% हिस्सेदारी अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी के पास है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। गोपनीय जानकारी होने के कारण अपना नाम न बताने की शर्त पर इन लोगों ने ईटी की रिपोर्ट में कहा कि ADNOC, VTTI से अपनी पूरी हिस्सेदारी बेचने पर विचार कर रही है. साथ ही, अन्य दूसरे मालिक भी इस डील के जरिए कंपनी में अपनी हिस्सेदारी कम करने पर विचार कर सकते हैं.
इन लोगों ने बताया कि अभी बातचीत चल रही है और यह पक्का नहीं है कि इससे कोई डील हो ही जाएगी. उन्होंने यह भी कहा कि दूसरे बोली लगाने वाले भी VTTI में हिस्सेदारी खरीदने की कोशिश कर रहे हैं. VTTI ऐसे टर्मिनल चलाती है जिनका इस्तेमाल फ्यूल और कैनिकल को स्टोर करने के लिए किया जाता है. कंपनी का कारोबार दुनिया भर में फैला हुआ है.
भारत के सबसे अमीर कारोबारी है अडानी
अडानी ग्रुप के पोर्टफोलियो में एयरपोर्ट, सड़क और डेटा सेंटर जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर एसेट्स के साथसाथ माइनिंग और डिफेंस से जुड़े एसेट्स भी शामिल हैं. ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स के अनुसार, इसके संस्थापक भारत के सबसे अमीर व्यक्ति हैं, जिनकी कुल संपत्ति लगभग 105.7 अरब डॉलर आंकी गई है. ग्रुप की प्रमुख लिस्टेड कंपनी, अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड ने जुलाई में इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स से 150 अरब रुपए जुटाए थे. इसका इस्तेमाल कैपिटल एक्सपेंडिचर और कर्ज चुकाने के लिए किया जाना है. इसके अगले महीने, गौतम अडानी को अमेरिका में लगे सिक्योरिटीज फ्रॉड के आरोपों से राहत मिल गई.
यह एक बड़ा मामला था, जिससे उनके ग्रुप के विस्तार पर खतरा मंडरा रहा था. अडानी ग्रुप अपनी ग्रोथ को तेज करने के लिए विदेशों में भी कंपनियों के अधिग्रहण पर विचार कर रहा है. इस मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने बताया है कि हाल ही में इसने यूके के सबसे बड़े पोर्ट ऑपरेटर, ‘एसोसिएटेड ब्रिटिश पोर्ट्स’ में हिस्सेदारी खरीदने पर विचार किया था. आखिरकार, इस महीने हुई एक डील में IFM सफल रहा, जिसमें AB Ports का वैल्यूएशन लगभग 10 अरब पाउंड आंका गया.



