Noida News: नोएडा के थाना सेक्टर63 क्षेत्र स्थित छिजारसी इलाके में बुधवार शाम हाईटेंशन बिजली लाइन का तार टूटने से बड़ा हादसा हो गया. 11 हजार केवी की हाईटेंशन लाइन का तार अचानक सड़क पर गिर पड़ा, जिसकी चपेट में आने से पांच लोग गंभीर रूप से झुलस गए. हादसे के दौरान एक स्कूटी में भी आग लग गई, जिससे मौके पर अफरातफरी मच गई. सभी घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां एक व्यक्ति की हालत गंभीर बनी हुई है.

सड़क पर गिरा हाईटेंशन तार, मची अफरातफरी

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शाम के समय लोग सामान्य रूप से सड़क से गुजर रहे थे, तभी अचानक हाईटेंशन बिजली लाइन का तार टूटकर नीचे गिर गया. तार के संपर्क में आते ही तेज करंट फैल गया और वहां मौजूद कई लोग इसकी चपेट में आ गए. इसी दौरान एक स्कूटी में भी आग लग गई, जिससे घटनास्थल पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई. स्थानीय लोगों ने तत्काल साहस दिखाते हुए घायलों की मदद की और उन्हें अस्पताल पहुंचाने में सहयोग किया.

5 लोग झुलसे, एक की हालत नाजुक

सेंट्रल नोएडा के एडीसीपी स्वतंत्र सिंह ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही थाना सेक्टर63 पुलिस मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू कराया. हादसे में घायल हुए लोगों की पहचान निधि , प्रिया , मुकेश राम , पवित्र और रवि चौधरी के रूप में हुई है. इनमें रवि चौधरी की हालत गंभीर बताई जा रही है, जबकि अन्य चार घायलों की स्थिति फिलहाल स्थिर है और उनका इलाज जारी है.

बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप

हादसे के बाद घायलों के परिजनों और स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं. उनका आरोप है कि हाईटेंशन लाइन का समयसमय पर रखरखाव नहीं किया गया, जिसके कारण तार टूटने जैसी घटना हुई. लोगों का कहना है कि यदि बिजली लाइनों का नियमित निरीक्षण और मरम्मत की जाती तो इस हादसे से बचा जा सकता था. उन्होंने दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.

पहले भी उठ चुके हैं सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

गौरतलब है कि हाल ही में बारिश के दौरान करंट लगने के बाद गड्ढे में गिरने से एक युवक की मौत का मामला भी सामने आया था. उस घटना के बाद भी बिजली व्यवस्था और सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल उठे थे. छिजारसी की ताजा घटना ने एक बार फिर बिजली विभाग की लापरवाही और हाईटेंशन लाइनों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं.

पुलिस और बिजली विभाग कर रहे जांच

फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाने के साथसाथ बिजली विभाग की भूमिका की भी जांच की जा रही है. प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. वहीं स्थानीय लोग मांग कर रहे हैं कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए हाईटेंशन लाइनों की नियमित जांच और सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराया जाए.