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शादी से पहले पहचान छिपाने का आरोप

पीड़िता ने 22 अक्टूबर को गंगोह थाने में लिखित शिकायत दी थी. शिकायत में जुनैद, संजीदा पत्नी इकबाल और इश्तकार पुत्र इकबाल को आरोपी बनाया गया है. लड़की के मुताबिक जुनैद ने शादी से पहले अपनी पहचान हिंदू गुर्जर के रूप में बताई थी. आरोप है कि शादी के बाद उसकी पहचान और धर्म को लेकर विवाद शुरू हुआ. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। लड़की ने शिकायत में कहा कि उस पर नमाज पढ़ने और धर्म परिवर्तन करने का दबाव बनाया जाने लगा. हालांकि ये सभी आरोप पीड़िता की शिकायत पर आधारित हैं और मामले की कानूनी प्रक्रिया जारी है.

नमाज पढ़ने से इंकार पर मारपीट

3 लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा

पुलिस ने इस मामले में मुकदमा संख्या 481/2026 दर्ज किया है. इसमें भारतीय न्याय संहिता की धारा 115(2) और 351(2) लगाई गई हैं. इसके साथ ही उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3/5(1) के तहत भी कार्रवाई की गई है. मुकदमे में पहचान छिपाकर शादी करने, धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने, मारपीट और धमकी देने से जुड़े आरोप शामिल हैं. पुलिस की ओर से मामले में कानूनी कार्रवाई की गई है. आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के दौरान होगी.

SSP के निर्देश पर गठित टीम ने शुरू की तलाश

मामले की जानकारी मिलने के बाद सहारनपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए. इसके बाद पुलिस अधीक्षक ग्रामीण के निर्देशन, क्षेत्राधिकारी गंगोह के पर्यवेक्षण और थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई शुरू की. पुलिस के मुताबिक आरोपियों की तलाश के दौरान मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर 23 अक्टूबर को गांव खैरसाल में दबिश दी गई. इसी कार्रवाई के दौरान जुनैद को पकड़ लिया गया. पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की.

खैरसाल गांव से गिरफ्तार हुआ जुनैद

आरोपी के खिलाफ पहले भी दर्ज हैं मुकदमे

पुलिस के मुताबिक जुनैद का आपराधिक इतिहास भी रहा है. उसके खिलाफ सहारनपुर के नकुड़ थाने में वर्ष 2024 के दौरान दो मुकदमे दर्ज हुए थे. इसके अलावा साल 2025 में उसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई थी. पुलिस ने मौजूदा मामले में लड़की की शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया है. हालांकि, पहचान छिपाकर शादी करने, धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने के आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा. फिलहाल पुलिस की कार्रवाई के बाद मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है.