सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद खास होता है करवा चौथ का पर्व। पति की लंबी आयु और अच्छे स्वास्थ्य के लिए पूरे दिन निर्जला व्रत रखा जाता है और शाम के समय चंद्रोदय होने के बाद अर्घ्य दिया जाता है।

इस व्रत के दौरान कठिन नियमों का पालन करना पड़ता है, लेकिन जब बात गर्भवती महिलाओं की आती हैं, तो व्रत के नियम बदल जाते हैं।
गौरतलब है कि प्रेग्नेंसी एक संवेदनशील दौर होता है, जहां मां और गर्भ में पर रहे शिशु, दोनों के स्वास्थ्य का ध्यान रखना बेहद ही जरुरी होता है। इस दौरान महिलाओं के मन में यह सवाल जरुर आता है कि क्या प्रेग्नेंसी के समय करवा चौथ व्रत में वे पानी पी सकती हैं या नहीं। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। आइए आपको इस लेख में बताते हैं गर्भवती महिलाएं करवा चौथ व्रत और जल सेवन के नियमों के बारे में बताते हैं।
गर्भवती महिलाओं के लिए स्वास्थ्य संबंधी दिशानिर्देश
जल ग्रहण करना गर्भवती महिलाएं करवा चौथ का व्रत रखते समय पानी पी सकती हैं।
चिकित्सकीय दृष्टिकोण डॉक्टर के अनुसार, गर्भावस्था की अवस्था में बिना पानी के व्रत रखना माता और होने वाले शिशु दोनों के हेल्थ के लिए हानिकारक हो सकता है।
आहार और पेय पदार्थ करवा चौथ व्रत के दौरान समयसमय पर पानी, दूध, नारियल पानी और ताजे फलों का सेवन करना जरुरी है।
सावधानी जब आप व्रत रखें तो एक बार डॉक्टर से परामर्श जरुर लें। अगर किसी भी समय कमजोरी या चक्कर आने लगे, तो तुरंत अपना व्रत खोल देना चाहिए।
किन बातों का ध्यान रखना जरुरी है?
करवा चौथ की पूजा के दौरान प्रेग्नेंट महिलाओं को जमीन पर बैठने में दिक्कत परेशानी हो रही है, तो कुर्सी पर आराम से बैठकर पूजा संपन्न करें। आराम से कुर्सी पर बैठकर माता करवा की पूजाअर्चना करें और व्रत कथा का पाठ जरुर करें। गर्भवती महिला को सरगी में ऐसे खाद्य पदार्थ का सेवन करना चाहिए, जिनको व्रत के दौरान ऊर्जा मिलें और शरीर में पानी की कमी न होने दें। सरगी में तलीभुनी और मसालेदार चीजों को शामिल नहीं करें।



