Surat Cyber Crime: गुजरात के सूरत में ऑनलाइन धोखाधड़ी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया गया है. पुलिस की जांच में करीब 410 करोड़ रुपये की ऑनलाइन धोखाधड़ी की बता पता चली है. सूरत साइबर क्राइम सेल द्वारा मामले में दो आरोपियों को अरेस्ट किया गया है. ये दोनों आरोपी इंटरनेशल साइबर ठगी गिरोह से जुड़े बताए जा रहे हैं. इनमें से एक गिरोह का मास्टरमाइंड है. गिरफ्तारी आरोपियों की पृष्ठभूमि से पुलिस भी चौंक गई है, क्योंकि गिरोह का मास्टरमाइंड यूरोप में सीविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाला युवक है.

उसका साथी सूरत में कैटरर्स के लिए मजदूरी करता है. जानकारी के अनुसार, अडाजण के कारोबारी ने 23.38 लाख रुपये की ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी. इसी मामले में सूरत साइबर क्राइम की टीम ने इन दोनों आरोपियों को अरेस्ट किया है. मुख्य आरोपी का नाम अब्दुल रहमान है. अब्दुल रहमान लिथुआनिया में सीविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रह है. तीन माह पहले वो सूरत आया था.
‘मंसूरी डिजिटल ट्रेडिंग’ नाम की फर्जी फर्म बनाई
वो पहले कैंटरिंग में स्टाफ उपलब्ध करावाता था. उसी दौरान वो कैटरिंग में मजदूरी करने वाले मोहसिन खान से मिला था. आरोपी ने मोहसिन खान के नाम पर ‘मंसूरी डिजिटल ट्रेडिंग’ नाम की एक फर्जी फर्म खड़ी की और 4 करंट व 12 सेविंग अकाउंट खुलवाए. लोगों को शेयर बाजार में निवेश करने और कम समय में भारी मुनाफा कमाने का लालच देकर उनसे ठगी की जाती थी.
चीनी साइबर गिरोह के लिए काम करता था काम
अब्दुल ने बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, केनरा बैंक और एक्सिस बैंक में खुलवाए थे. अब्दुल रहमान साइबर ठगी की रकम को इन खातों में मंगवाता था. बाद में वो इस रकम को यूएसटीडी में बदलकर दूसरे लोगों के नाम पर बने वॉलेट के जरिये दुबई में स्थित चीनी गिरोह के पास भेज देता था. पुलिस के अनुसार, अब्दुल दुबई से संचालित होने वाले चीनी साइबर गिरोह के लिए काम करता था.
रकम ट्रांसफर करने के लिए मिलता था कमीशन
खाते खुलवाने और रकम ट्रांसफर करने के लिए उसको मोटा कमीशन दिया जाता था. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। साइबर क्राइम की टीम ने तीन दिनों तक लागातर खातों का अध्ययन किया. इस दौरान टीम को ये बात पता चली की 96 खातों के संबंध में 20 भिन्न राज्यों से एनसीसीआरपी पोर्टल पर करीब शिकायतें दर्ज की गई हैं. इन शिकायतों में ठगी की रकम लगभग 410 करोड़ है. पुलिस को अब्दुल रहमान के पास से चार फोन मिले हैं.
उसके आईफोन में 96 बैंक खातों का विवरण है. वो टेलीग्राम ग्रुप के जरिये चीनी साइबर गिरोह के जरिये संपर्क में आया था. पुलिस को आशंका है कि गिरोह से 100 से अधिक लोग जुड़े हैं. फिलहाल पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है.



