
हम सभी जानते हैं कि रीठा (Reetha) बालों के लिए कितना अच्छा होता है। दादी-नानी अक्सर बालों को रेशमी बनाने के लिए इसका इस्तेमाल करती थीं। लेकिन क्या आपको पता है कि यह साधारण सा दिखने वाला फल आपके ऊनी कपड़ों (Winter Clothes) के लिए किसी वरदान से कम नहीं है?
आजकल बाज़ार में मिलने वाले डिटर्जेंट में इतने हार्ड केमिकल होते हैं कि वो ऊनी धागों की प्राकृतिक नमी को सोख लेते हैं। नतीजा? नया स्वेटर भी दो धुलाई के बाद पुराना लगने लगता है और उस पर रोएं (bobbling) आ जाते हैं। चलिए, आज आपको बताते हैं कि रीठा कैसे आपके कपड़ों की लाइफ बढ़ा सकता है।
1. कपड़ों का ‘नेचुरल कंडीशनर’
रीठा एक सौम्य और प्राकृतिक क्लीन्ज़र है। जब आप इससे ऊनी कपड़े धोते हैं, तो यह उन्हें सख्त नहीं करता। बल्कि यह फैब्रिक सॉफ्टनर का काम करता है। इससे धोने के बाद आपके स्वेटर बिल्कुल मुलायम और फ्लफी बने रहते हैं। आपको अलग से कोई ‘कम्फर्ट’ डालने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
2. रंगों की पक्की गारंटी
केमिकल वाले ब्लीच और पाउडर कपड़ों का रंग फीका कर देते हैं। लेकिन रीठा रंग नहीं काटता। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। यह रेशम (Silk) और पश्मीना जैसे नाजुक कपड़ों के लिए सबसे सुरक्षित माना जाता है। इससे धुले कपड़े हमेशा नए जैसे चमकदार लगते हैं।
3. कीटाणुओं का दुश्मन
सर्दियों में धूप कम निकलती है, जिससे कपड़ों में कभी-कभी अजीब सी महक या बैक्टीरिया पनपने लगते हैं। रीठा में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल गुण होते हैं। यह कपड़ों को न सिर्फ साफ करता है, बल्कि उन्हें कीटाणु-मुक्त (Disinfect) भी करता है। यह स्किन के लिए भी बहुत अच्छा है, खासकर बच्चों के कपड़ों के लिए।
कैसे बनाएं रीठा का लिक्विड डिटर्जेंट?
इसे इस्तेमाल करना बहुत आसान है:
- रात को 8-10 रीठा के छिलके (बीज निकालकर) एक मग पानी में भिगो दें।
- सुबह इसी पानी को 10-15 मिनट तक उबाल लें।
- जब पानी ठंडा हो जाए, तो इसे हाथों से मसल लें। आप देखेंगे कि पानी में ढेर सारा झाग बन गया है।
- बस, अब इस पानी को छान लें और इसे डिटर्जेंट की जगह बाल्टी या वाशिंग मशीन में इस्तेमाल करें।
तो दोस्तों, इस सर्दी में अपनी जेब पर रहम करें और कपड़ों पर भी। महंगे ड्राई क्लीनर्स को बाय-बाय बोलें और इस देसी नुस्खे को एक बार जरूर आजमाएं। आपके कपड़े आपको थैंक्यू कहेंगे!



