जम्मूकश्मीर के डोडा जिले के भलेसा इलाके में एक लोकल प्रीमियर लीग का मुकाबला चल रहा था. इस भलेसा प्रीमियर लीग के मुकाबले में भद्रवाह के कुलशारी गांव निवासी सुहैल अहमद अपनी टीम की तरफ से खेल रहे थे. मैच के दौरान सुहैल गेंदबाजी कर रहे थे. उन्होंने जैसे ही एक गेंद डाली, उसके बाद उन्हें अचानक सांस लेने में परेशानी महसूस हुई. शुरुआत में उन्होंने खुद को सामान्य करने की कोशिश की, लेकिन कुछ ही देर में उनकी हालत और खराब होने लगी. मैदान पर मौजूद साथी खिलाड़ियों ने जब उन्हें परेशान देखा, तो तुरंत उनके पास पहुंचे और उन्हें संभालने की कोशिश की. लेकिन कुछ ही मिनटों में सुहैल बेहोश होकर मैदान पर गिर पड़े.

अस्पताल पहुंचने से पहले ही नहीं बच सकी जान
सुहैल की हालत देखकर वहां मौजूद लोगों में अफरातफरी मच गई. उन्हें तुरंत इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल ले जाया गया. हालांकि, डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया. स्थानीय लोगों और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सुहैल को अचानक बड़ा हार्ट अटैक आया था, जिसके कारण उनकी मौत हो गई. इतनी कम उम्र में एक युवा खिलाड़ी की इस तरह मौत ने सभी को झकझोर कर रख दिया. इसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

क्रिकेट मैदान पर पहली ऐसी घटना से सदमे में लोग
स्थानीय लोगों का कहना है कि चेनाब घाटी क्षेत्र में क्रिकेट खेलते समय किसी युवा खिलाड़ी की मौत का यह पहला ऐसा मामला है. घटना के बाद पूरे इलाके में दुख और चिंता का माहौल है. सुहैल सिर्फ 22 साल के थे और क्रिकेट को लेकर काफी उत्साहित रहते थे. उनके अचानक चले जाने से परिवार, दोस्त और साथी खिलाड़ी सदमे में हैं. भलेसा प्रीमियर लीग से जुड़े लोगों ने भी इस घटना पर दुख जताया है. खिलाड़ियों का कहना है कि कुछ मिनट पहले तक जो खिलाड़ी मैदान पर खेल रहा था, उसके साथ ऐसा हो जाएगा, किसी ने इसकी कल्पना भी नहीं की थी.

परिवार को सौंपा गया शव
घटना के बाद पुलिस और प्रशासन की ओर से जरूरी मेडिकल प्रक्रिया पूरी की गई. इसके बाद सुहैल का शव उनके परिवार को सौंप दिया गया. जानकारी के मुताबिक, मंगलवार को उनके पैतृक गांव में उन्हें सुपुर्दएखाक किया जाएगा. परिवार के लिए यह हादसा किसी बड़े सदमे से कम नहीं है.

मैदानों पर मेडिकल सुविधा की जरूरत पर उठे सवाल
सुहैल की मौत ने छोटे स्तर पर होने वाले खेल आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि क्रिकेट जैसे खेलों में जहां खिलाड़ी शारीरिक मेहनत करते हैं, वहां प्राथमिक चिकित्सा सुविधा और आपातकालीन व्यवस्था का होना बेहद जरूरी है. अगर मैदान के पास मेडिकल टीम, एंबुलेंस या जरूरी सुविधाएं मौजूद हों, तो कई बार गंभीर स्थिति में तुरंत मदद मिल सकती है.

युवाओं में बढ़ते हार्ट अटैक के मामलों ने बढ़ाई चिंता
पिछले कुछ समय में कम उम्र के लोगों में हार्ट अटैक के कई मामले सामने आए हैं. खेल के दौरान भी कई युवा अचानक गिरने के बाद अपनी जान गंवा चुके हैं. एक्सपर्ट्स के अनुसार, शरीर में किसी भी तरह की परेशानी, सांस लेने में दिक्कत, सीने में दर्द या अचानक कमजोरी महसूस होने पर इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. सुहैल अहमद की मौत ने एक बार फिर यह याद दिलाया है कि फिट दिखने वाले युवाओं को भी अपने स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है.