Gorakhpur News: गोरखपुर में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुए हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि सात लोग झुलस गए. हादसा गुलरिहा थाना क्षेत्र के जंगल अयोध्या प्रसाद चौहान टोला के पास बुधवार शाम करीब 5 बजे हुआ. प्रतिमा को ट्रैक्टरट्रॉली से विसर्जन के लिए ले जाया जा रहा था. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इसी दौरान ट्रॉली पर लगी एक लंबी लोहे की रॉड ऊपर से गुजर रहे 11000 वोल्ट के हाईटेंशन तार की चपेट में आ गई. इससे ट्रॉली पर सवार लोग करंट की चपेट में आ गए. हादसे के बाद इलाके में अफरातफरी मच गई.

2 सगे भाइयों समेत तीन की मौत
इस हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान लकी , विक्की और चंदन के रूप में हुई है. लकी और विक्की सगे भाई थे, जबकि चंदन उनका मौसेरा भाई था. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची. घायलों को इलाज के लिए BRD मेडिकल कॉलेज ले जाया गया. वहां डॉक्टरों ने तीन लोगों को मृत घोषित कर दिया, जबकि सात घायलों का इलाज चल रहा है. हादसे की खबर मिलते ही मृतकों के घरों में मातम छा गया. परिवार के लोगों का रोरोकर बुरा हाल है.
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बिजली काटी गई थी तो करंट कैसे आया?
हादसे के बाद परिजनों ने बिजली सप्लाई को लेकर सवाल उठाए हैं. उनका आरोप है कि रजही चौराहे के पास 11000 वोल्ट का हाईटेंशन तार नीचे की तरफ लटक रहा था. प्रतिमा विसर्जन को देखते हुए सुरक्षा के लिहाज से सुबह बिजली की सप्लाई बंद कर दी गई थी, लेकिन परिजनों का दावा है कि शाम करीब 4:30 बजे बिजली दोबारा चालू कर दी गई. परिजनों के मुताबिक, विसर्जन में शामिल लोगों को बिजली सप्लाई शुरू होने की जानकारी नहीं थी. इसी दौरान ट्रैक्टरट्रॉली पर लगी लंबी रॉड हाईटेंशन तार से छू गई और करंट फैल गया.
BRD मेडिकल कॉलेज के बाहर प्रदर्शन
हादसे के बाद घायलों और मृतकों के परिजन BRD मेडिकल कॉलेज के गेट के पास सड़क पर बैठकर विरोध प्रदर्शन करने लगे. आक्रोशित लोगों ने सड़क जाम कर दिया, जिससे करीब एक किलोमीटर तक वाहनों की कतार लग गई. परिजन हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी दीपक मीणा और एसएसपी डॉ. कौस्तुभ भी BRD मेडिकल कॉलेज पहुंचे. अधिकारियों ने मौके की स्थिति का जायजा लिया और हालात पर नजर रखी. हादसे के बाद इलाके में तनाव और गम का माहौल है.



