किडनी के मरीजों की दिल की सेहत पर भी इसका असर पड़ता है. अधिकतर लोग किडनी डिजीज को कम करने या इससे बचने के लिए दवा खाते हैं. लेकिन इसका दिल पर क्या प्रभाव पड़ता है ये जान लेना भी जरूरी है. एक्सपर्ट से जानें..

डॉक्टर साकेत गर्ग का कहना है कि किडनी और दिल एकदूसरे से जुड़े हुए हैं. किडनी की बीमारी होने पर इसका असर दिल की सेहत पर भी पड़ सकता है.
जब किडनी ठीक से काम नहीं करती, तो शरीर से अतिरिक्त पानी और नमक बाहर नहीं निकल पाता. इससे ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है और दिल पर ज्यादा दबाव पड़ने लगता है. लंबे समय तक ऐसा रहने पर हार्ट फेलियर और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ सकता है.
किडनी की बीमारी में शरीर में गंदे और जहरीले पदार्थ भी जमा होने लगते हैं, जिससे रक्त वाहिकाओं पर असर पड़ता है. ऐसे मरीजों में खून की कमी, शुगर, हाई ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल की समस्या भी हो सकती है, जो दिल की बीमारी का खतरा और बढ़ा देती है.
इसलिए किडनी के मरीजों को सिर्फ किडनी की जांच ही नहीं, बल्कि ब्लड प्रेशर, शुगर और कोलेस्ट्रॉल की भी नियमित जांच करानी चाहिए. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। खाने में नमक कम रखें, डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाएं लें, धूम्रपान से बचें और रोज थोड़ी शारीरिक गतिविधि करें. किडनी की बीमारी का समय पर इलाज कराने से दिल को भी सुरक्षित रखने में मदद मिल सकती है.



