UP Monsoon Update: उत्तर प्रदेश में मानसून का इंतजार लंबा होता जा रहा है। प्रदेश की सीमा तक पहुंचने के बाद मानसून की रफ्तार धीमी पड़ गई है और पिछले पांच दिनों से यह यूपी बॉर्डर के आसपास ही ठहरा हुआ है। मौसम विभाग का अनुमान है कि प्रदेश में मानसून की एंट्री में अभी करीब एक सप्ताह और लग सकता है। इस बीच भीषण गर्मी और लू ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है।

शुक्रवार सुबह से ही अधिकांश जिलों में तेज धूप और उमस भरा मौसम बना हुआ है। हवा की गति कम होने के कारण लोगों को चिपचिपी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग ने आज 16 जिलों में बारिश और गरजचमक की संभावना जताई है, जबकि 25 जिलों के लिए लू का अलर्ट जारी किया गया है। बीते 24 घंटों में बुंदेलखंड और पूर्वांचल के कई जिलों में तापमान खतरनाक स्तर तक पहुंच गया। बांदा 46 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ देश का सबसे गर्म शहर दर्ज किया गया।
अभी सक्रिय नहीं है कोई मजबूत मौसम तंत्र
वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि फिलहाल उत्तर प्रदेश के ऊपर कोई प्रभावी मौसम तंत्र सक्रिय नहीं है। यही वजह है कि मानसून की प्रगति धीमी बनी हुई है और इसके आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां नहीं बन पा रही हैं। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेशवासियों को मानसून के आगमन के लिए अभी लगभग एक सप्ताह और इंतजार करना पड़ सकता है।
अगले 5 दिनों का मौसम पूर्वानुमान
20 जून: अधिकांश जिलों में बादल छाए रहेंगे, कुछ स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है।
21 जून: मौसम मुख्य रूप से साफ रहेगा, हालांकि तेज हवाएं चलेंगी और कहींकहीं हल्की बूंदाबांदी संभव है।
22 जून: पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में तेज बारिश की संभावना, अन्य क्षेत्रों में बादलों का असर रहेगा।
23 जून: पूर्वी और पश्चिमी यूपी के कई हिस्सों में बारिश और तेज हवाएं चलने के आसार।
24 जून: प्रदेश के अधिकांश जिलों में बादल छाए रहेंगे और कुछ स्थानों पर अच्छी बारिश हो सकती है।
अल नीनो के संकेत बढ़ा रहे चिंता
अमेरिकी राष्ट्रीय महासागरीय एवं वायुमंडलीय प्रशासन की ताजा उपग्रह रिपोर्ट के अनुसार, इंटरट्रॉपिकल कन्वर्जेंस जोन अभी अपेक्षित गति से सक्रिय नहीं हो पाया है। यही कारण है कि मानसून की रफ्तार कमजोर बनी हुई है। सामान्य तौर पर यह प्रणाली जून के मध्य तक उत्तर की ओर बढ़कर भारत में नमी पहुंचाने में मदद करती है।
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रिपोर्ट में यह भी संकेत दिए गए हैं कि अल नीनो जैसी परिस्थितियां विकसित हो रही हैं, जिससे आने वाले महीनों में असमान बारिश और कुछ क्षेत्रों में सूखे जैसी स्थिति देखने को मिल सकती है। फिलहाल पूर्वी भारत में गरजचमक की गतिविधियां सक्रिय हैं, लेकिन मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान और पश्चिमी भारत के कई हिस्सों में बादलों का घनत्व अभी कम बना हुआ है।
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