आंध्र प्रदेश में चल रही स्थानीय निकाय चुनाव की नामांकन प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर राजनीतिक हिंसा और कानूनव्यवस्था बिगड़ने का आरोप लगाते हुए, पूर्व मुख्यमंत्री और YSRCP प्रमुख वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने शनिवार को राज्य में तत्काल राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की. सोशल मीडिया पोस्ट में, रेड्डी ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू पर “कानूनव्यवस्था को पंगु बनाने” का आरोप लगाया. उन्होंने मुख्यमंत्री पर राज्य में “जंगल राज” चलाने का भी आरोप लगाया.

उन्होंने कहा, “आंध्र प्रदेश में संविधान ध्वस्त हो चुका है. वे बेरहमी से लोकतंत्र की हत्या कर रहे हैं. स्थानीय चुनाव नामांकन के अवसर पर, लगातार दूसरे दिन चंद्रबाबू नायडू ने कानूनव्यवस्था को पूरी तरह से पंगु बना दिया है. वह अपनी पार्टी के गुर्गों को गुंडागर्दी के लाइसेंस जारी कर रहे हैं और पुलिस तंत्र का इस्तेमाल उनके समर्थन के रूप में कर रहे हैं. एक बार फिर राजनीतिक आतंकवादी के रूप में अपनी विरासत को साबित करते हुए, वह राज्य में जंगल राज चला रहे हैं.”

VIDEO | Tadepalli: YSRCP leader Jagan Mohan Reddy on Sunday questioned the Andhra Pradesh government over violence in some parts of the state during local body poll nominations.

“Why is Chandrababu Naidu obstructing YSRCP candidates from filing nominations? why should police open fire on the candidates who came to file nominations?” he asked.

Jagna Mohan reddy questioned Andhra Pradesh Chief Minister Chandrababu Naidu for obstructing party candidates from filing nominations, alleging police atrocities, violent attacks, false cases, kidnapping, and arrests of candidates despite claiming public support.

— Press Trust of India October 18, 2026

‘विपक्षी अपना नामांकन भी दाखिल नहीं कर पा रहे’

रेड्डी ने कहा कि राज्य सरकार ने ऐसी स्थिति पैदा कर दी है जहां विपक्षी उम्मीदवार अपना नामांकन भी दाखिल नहीं कर पा रहे हैं. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि नामांकन केंद्रों के भीतर YSRCP उम्मीदवारों को चाकू और लाठियों से खदेड़ा गया. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस अधिकारी आधी रात को उम्मीदवारों का अपहरण कर रहे हैं, और इसे चंद्रबाबू नायडू के ब्रांड का लोकतंत्र करार दिया.

उन्होंने कहा, “उन्होंने ऐसी गंभीर स्थिति पैदा कर दी है जहां विपक्षी उम्मीदवार अपना नामांकन भी दाखिल नहीं कर सकते. ठीक पुलिस के सामने, नामांकन केंद्रों के परिसर के भीतर, वे चाकू और लाठियों से YSRCP उम्मीदवारों का पीछा कर रहे हैं, नामांकन केंद्रों को घेर रहे हैं, नामांकन पत्रों को फाड़ने के लिए आरओ कार्यालयों में जबरन घुस रहे हैं, और पुलिस आधी रात को उम्मीदवारों का अपहरण कर रही है. ये चंद्रबाबू के ब्रांड का लोकतंत्र है! वे एकतरफा रूप से चुनावों को हाईजैक करने के लिए सत्ता की ताकत से हिंसा भड़का रहे हैं.”

हिंसा वाली घटनाओं का भी किया जिक्र

रेड्डी ने कई इलाकों में हिंसा की घटनाओं का हवाला दिया, जिनमें कड़पा, पुलिवेंदुला, कमलापुरम, जम्मलमडुगु, राजमपेट, रायचोटी, पुंगनूर, तिरुपति, दर्शी, दाचेपल्ली और गुरजाला शामिल हैं. उन्होंने कहा, “कड़पा, पुलिवेंदुला, कमलापुरम, जम्मलमडुगु, राजमपेट, रायचोटी, पुंगनूर, तिरुपति, दर्शी, दाचेपल्ली, गुरजाला और पूरे राज्य की ये घटनाएं आंखों में नमक की तरह इस बात का साफ सबूत हैं कि चंद्रबाबू के शासन में लोकतंत्र कितनी विनाशकारी स्थिति में पहुंच चुका है. पुलिवेंदुला में पुलिस द्वारा की गई फायरिंग लोकतंत्र पर एक बम विस्फोट की तरह है. इसके पीछे भी चंद्रबाबू की साजिश है! नामांकन दाखिल करने आए उम्मीदवारों और प्रस्तावकों पर पुलिस ने हमला क्यों किया और उन्हें क्यों पीटा? उन्होंने फायरिंग का सहारा क्यों लिया?”