Chhatarpur News: मध्य प्रदेश के छत्तरपुर जिले में महोबा रोड पर स्थित मां झनझन देवी का प्राचीन मंदिर श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है. 100 साल से भी अधिक पुराने इस मंदिर को लेकर क्षेत्र के लोगों में गहरी श्रद्धा है. स्थानीय मान्यता के अनुसार, यहां माता स्वयं प्रकट हुई थीं. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। दरबार में सच्चे मन से मांगी गई हर मनोकामना पूरी होती है और मन्नत पूरी होने पर भक्त यहां पीतल व तांबे की घंटियां बांधकर अपनी कृतज्ञता व्यक्त करते हैं.

स्थानीय निवासी लखन लाल अहिरवार के अनुसार यह मंदिर 100 साल से भी अधिक पुराना है. मान्यता है कि इस पवित्र स्थान पर माता स्वयं प्रकट हुई थीं. महोबा रोड पर स्थित होने के कारण यहाँ प्रतिदिन सैकड़ों भक्त दर्शन के लिए पहुंचते हैं. नवरात्रि और विशेष पर्वों पर मंदिर परिसर में भक्तों का मेला लगा रहता है.
3 से 6 महीने में पूरी होती है मन्नत, परिसर में बंधी हैं 165 से अधिक घंटियां
मां के दरबार की महिमा को लेकर कई चमत्कारिक किस्से प्रचलित हैं. श्रद्धालुओं का दृढ़ विश्वास है कि मां झनझन देवी के दरबार में लगाई गई अर्जी कभी खाली नहीं जाती और कई भक्तों की मन्नतें 3 से 6 महीने के भीतर पूरी हो जाती हैं. मनोकामना पूरी होने पर भक्त मंदिर परिसर में घंटियां चढ़ाकर माता के प्रति अपनी भक्ति और आभार प्रकट करते हैं. मंदिर परिसर में अब तक भक्तों द्वारा 165 से अधिक छोटीबड़ी घंटियां बांधी जा चुकी हैं, जो श्रद्धालुओं के विश्वास का सीधा प्रमाण हैं.
वर्षों से जारी है आस्था का सिलसिला, पुजारी ने बताई मंदिर की महिमा
मंदिर के पुजारी और स्थानीय सेवादारों के अनुसार यहां दूरदूर से लोग अपनी परेशानियां लेकर आते हैं. वर्षों पुराना यह मंदिर आज भी छत्तरपुर और आसपास के जिलों के श्रद्धालुओं के लिए भक्ति और शक्ति का महान केंद्र बना हुआ है. मंदिर में प्रतिदिन सुबहशाम विशेष आरती का आयोजन किया जाता है, जिसमें शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं.



