अगर आपने सोने के गहने गिरवी रखकर लोन लिया है और किसी वजह से EMI नहीं चुका पाए हैं, तो घबराने की जरूरत नहीं है. सिर्फ एक EMI छूटने से बैंक या फाइनेंस कंपनी तुरंत आपके गहनों की नीलामी नहीं कर सकती. हालांकि, लगातार भुगतान नहीं करने पर बकाया रकम बढ़ सकती है और कर्ज वसूली की प्रक्रिया शुरू हो सकती है. गहने नीलाम होंगे या नहीं, यह आपके लोन एग्रीमेंट, बकाया अवधि और कर्ज देने वाली संस्था की नीति पर निर्भर करता है.

कितनी EMI छूटने पर खतरे में पड़ते हैं गहने?
एक्सपर्ट्स बताते हैं कि भारतीय रिजर्व बैंक ने ऐसा कोई एक समान नियम तय नहीं किया है कि दो, तीन या छह EMI छूटते ही गिरवी रखा सोना नीलाम कर दिया जाए. अगर कोई भुगतान 90 दिनों से ज्यादा समय तक बकाया रहता है, तो लोन अकाउंट आमतौर पर NPA यानी नॉनपरफॉर्मिंग एसेट की कैटेगरी में आ सकता है. इसके बाद कर्ज वसूली की कार्रवाई तेज होने और नीलामी का खतरा बढ़ने की आशंका रहती है. ध्यान रखें कि बकाया अवधि की गणना सबसे पुरानी बकाया किस्त से की जा सकती है.उदाहरण के लिए, अगर जून की EMI नहीं चुकाई, लेकिन जुलाई और अगस्त की किस्तें भर दीं, तो जून की किस्त का बकाया खत्म नहीं होगा. इसलिए सबसे पहले पुरानी बकाया किस्त चुकाने पर ध्यान देना चाहिए.
गोल्ड लोन की वसूली की प्रक्रिया कैसे चलती है?
लोन की EMI छूटने के बाद बैंक या फाइनेंस कंपनी आमतौर पर कई स्टेप में वसूली की कार्रवाई करती है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। हालांकि, हर बैंक के लिए एक जैसी दिनप्रतिदिन की समयसीमा तय नहीं है. पहले 1 से 30 दिन में बैंक फोन, SMS या ऐप के जरिए भुगतान की याद दिला सकता है. समझौते के मुताबिक पेनल्टी या अतिरिक्त शुल्क भी लग सकते हैं. लगभग 30 से 90 दिन में बैंक लिखित रिमाइंडर या बकाया चुकाने का नोटिस भेज सकता है. 90 दिन या उससे ज्यादा समय में अकाउंट NPA बन सकता है और वसूली की कार्रवाई तेज हो सकती है.
नीलामी से पहले क्या होगा?
नीलामी से पहले कर्जदाता गहने नीलाम करने की चेतावनी और जरूरी नोटिस दे सकता है. नीलामी से पहले नोटिस की अवधि संबंधित एग्रीमेंट और लागू नियमों पर निर्भर करती है. नीलामी के बाद बिक्री से मिली रकम से लोन और लागू शुल्क चुकाए जाते हैं. बची हुई रकम नियमानुसार ग्राहक को लौटाई जानी चाहिए.
नीलामी से पहले क्या गहने वापस मिल सकते हैं?
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, गिरवी रखे गहनों की बिक्री पारदर्शी नीलामी प्रक्रिया के तहत की जानी चाहिए. कर्जदाता अपनी तय प्रक्रिया को नजरअंदाज करके मनमाने तरीके से गहने नहीं बेच सकता. नीलामी पूरी होने से पहले अगर ग्राहक बकाया रकम और लागू शुल्क चुका देता है, तो वह अपने गहने वापस ले सकता है, लेकिन नीलामी पूरी हो जाने के बाद गहने वापस पाने का अधिकार समाप्त हो सकता है.
गोल्ड लोन की EMI छूटने पर गिरवी रखे गहने तुरंत नीलाम नहीं होते. नीलामी का खतरा लोन एग्रीमेंट, बकाया अवधि और कर्जदाता की नीति पर निर्भर करता है. 90 दिन से ज्यादा बकाया रहने पर अकाउंट NPA बन सकता है और वसूली की कार्रवाई तेज हो सकती है. नीलामी से पहले कर्जदाता को अपनी निर्धारित नोटिस प्रक्रिया का पालन करना होता है. ग्राहक नीलामी पूरी होने से पहले बकाया रकम और लागू शुल्क चुकाकर गहने छुड़ा सकता है.


