नवरात्रि का पर्व का उत्साह हर जगह देखने को मिल रहा है। दुर्गा पंडाल से लेकर रामलीला का आयोजन देशभर में देखने को मिल रहा है। नवरात्रि में साधक मां दुर्गा के अलगअलग स्वरुपों की पूजा करते हैं और व्रत रखते हैं। इस दौरान कन्या पूजन के बाद ही व्रत का पारण किया जाता है।

खासतौर पर कुछ लोग अष्टमी के दिन कन्या पूजन करते हैं, तो कुछ लोग नवमी तिथि के दिन कन्या पूजन करते हैं। यही कारण है कि नवरात्रि में अष्टमी और नवमी तिथि का विशेष महत्व होता है। इस दिन 9 कन्याओं को भोजन कराने का विधान है। अगर संभव न हो पाए तो आप 5 या 7 कन्याओं को भी भोजन करा सकते हैं।

इसके साथ कंजक को गिफ्ट के तौर पर श्रृंगार की सामग्री, पढ़ाईलिखाई का समान आदि दे सकते हैं। माना जाता है कि विधिपूर्वक कन्या पूजन करने से माता दुर्गा की कृपा परिवार पर बनी रह सकती है। कन्या पूजन के लिए पूजन की साम्रगी होना बेहद जरुरी है। आइए आपको बताते किनकिन चीजों का होना महत्वपूर्ण है।

कन्या पूजन सामग्री लिस्ट

कन्याओं के पैर धोने के लिए एक थाली और साफ जल

साफ वस्त्र पैर पोछने के लिए

कन्याओं को बैठाने के लिए आसन

तिलक के लिए रोली और अक्षत

कलावा

कन्याओं के सिर पर ओढ़ाने के लिए चुनरी

फल और नारियल का प्रसाद

कन्याओं को भेट करने के लिए कुछ धन और सामार्थ्य के अनुसार जरुरत की सामग्री जैसे कॉपी, पेंसिल, पेन आदि।

भेंट करने के लिए श्रृंगार की सामग्री जैसे कि बिंदी, चूड़ियां, कंघी आदि।

भोग प्रसाद सामग्री सूजी का हलवा, पूड़ी और काले चने

माता दुर्गा की कृपा के लिए जरूर करें ये 2 काम
कन्याओं को दें विशेष पोटली

जिस दिन आप कन्या का पूजन करें, तो अष्टमी अथवा नवमी तिथि पर कन्याओं को एक वस्त्र में चावल, सिक्का, दूर्वा, हल्दी की गांठ और एक फूल जरुर बांधकर दें। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। धार्मिक मान्यता है कि ऐसा करने से मां दुर्गा की कृपा परिवार के सभी सदस्यों पर बनी रहती है। इसके साथ ही घर में सुखसमृद्धि बनी रहती है।

परिवार सहित लें कन्याओं का आशीर्वाद

जब आप कन्याओं को भोजन कराएं, तो आप उन्हें उपहार दे दें, तो इसके बाद पूरे परिवार के साथ सभी कन्याओं के चरण छूकर उनका आशीर्वाद लेना चाहिए। इसके साथ ही, उन्हें घर के द्वार तक छोड़ने जाएं। ऐसा करने से माता दुर्गा प्रसन्न हो सकती हैं और घरपरिवार का माहौल सुकून भरा रहता है।