Raipur News: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में रिश्तों और अपनों की तलाश की एक बेहद मार्मिक और भावुक कर देने वाली कहानी सामने आई है. नीदरलैंड से 7200 किलोमीटर का लंबा सफर तय कर अपनी बिछड़ी मां को ढूंढने रायपुर पहुंची 43 वर्षीय सुनीता अब्दुल्ला की तलाश तो पूरी हो गई, लेकिन इसका अंत बेहद दर्दनाक रहा. जिस मां को सुनीता जिंदा समझकर ढूंढने आई थीं, उनका कुछ समय पहले ही निधन हो चुका था. हालांकि, रायपुर पुलिस की मानवीय पहल से सुनीता की मुलाकात वीडियो कॉल पर उनकी छोटी बहन से हो सकी, जिससे बात करते ही सुनीता फूटफूटकर रो पड़ीं.

इस पूरी कहानी के पीछे दशकों पुराना एक गहरा राज छुपा हुआ था.सुनीता अब्दुल्ला जब महज 6 महीने की थीं, तभी उनकी मां उन्हें छोड़कर चली गई थीं. वर्तमान में सुनीता नीदरलैंड सरकार में अनुवादक के पद पर कार्यरत हैं. सुनीता के पिता अब्दुल मुसाफिर सऊदी अरब में रहते थे, जिनका एक साल पहले कैंसर की बीमारी से निधन हो गया था. दम तोड़ने से पहले पिता ने सुनीता को बताया था कि उनकी मां जमुना दत्त जिंदा हैं और उनकी एक छोटी बहन भी है जो रायपुर के गुढ़ियारी इलाके में रहती है.
1991 की पुरानी फोटो लेकर नीदरलैंड से रायपुर पहुंची बेटी
पिता की आखिरी इच्छा और अपनी मां से मिलने की तड़प में सुनीता 7200 किलोमीटर की दूरी तय कर रायपुर पहुंचीं. सुनीता अपनी मां की साल 1991 की एक एकमात्र पुरानी तस्वीर लेकर रायपुर के फाफाडीह, स्टेशन रोड, गुढ़ियारी और बेलतरा समेत कई इलाकों में अपनी मां और बहन को तलाशती रहीं. जब कोई सुराग नहीं मिला, तो उन्होंने रायपुर के पुलिस कमिश्नर और कलेक्टर से मिलकर मदद की गुहार लगाई.
रायपुर पुलिस की मानवीय पहल, मुंबई में ट्रेस हुई छोटी बहन
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने तत्परता दिखाई. रायपुर पुलिस के डीसीपी तारकेश्वर पटेल ने खुद इस मामले में रुचि ली और पुलिस टीमों को पुरानी कड़ियों को जोड़ने के काम में लगाया. जांच में पता चला कि मां जमुना दत्त और उनकी छोटी बेटी पहले रायपुर के गुढ़ियारी में ही रहती थीं, लेकिन कुछ समय पहले वे मुंबई शिफ्ट हो गई थीं. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। रायपुर पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद मुंबई में उनकी बहन की लोकेशन और संपर्क ट्रेस कर लिया.
‘मां अब इस दुनिया में नहीं…’: 42 साल बाद बहन की आवाज सुन रो पड़ी सुनीता
पुलिस ने तुरंत दोनों बहनों की वीडियो कॉल के जरिए बात कराई. 42 साल बाद पहली बार अपनी बहन का चेहरा देखने और आवाज सुनने के बाद सुनीता अपनी आंसुओं को रोक न सकीं और फूटफूटकर रो पड़ीं. बातचीत के दौरान बहन ने सबसे दुखद खबर दी कि जिस मां जमुना दत्त को वह ढूंढने आई थीं, उनका अब निधन हो चुका है.
मां की मौत की खबर से सुनीता टूट गईं, लेकिन बिछड़ी बहन से मिलने के बाद उन्हें बड़ा सहारा मिला है. रायपुर पुलिस अब दोनों बहनों को आमनेसामने मिलाने की कोशिशों में जुटी है. सुनीता का कहना है कि भले ही मां नहीं रहीं, लेकिन वे अपनी बहन के साथ जीवनभर रिश्ता निभाएंगी.



