
आने वाले UP विधानसभा चुनावों पर AIMIM अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा है. ओवैसी ने कहा, “मुसलमानों ने 2-3 पीढ़ियों तक समाजवादी पार्टी का साथ देकर अपना ही नुकसान किया है. उन्होंने आजमगढ़ को क्या दिया. उन्होंने शिबली कॉलेज को यूनिवर्सिटी का दर्जा क्यों नहीं दिया?”
ओवैसी ने कहा, “अब एक नई सोच सामने आई है. मुसलमान अब सिर्फ दूसरों को नेता बनाने के बजाय खुद नेता बनना चाहते हैं. वे सिर्फ कालीन बिछाने का काम नहीं करना चाहते. वे सत्ता में हिस्सेदारी चाहते हैं. ये एक बहुत बड़ा बदलाव है जिसे समाजवादी पार्टी समझ नहीं पा रही है, लेकिन उन्हें जल्द ही इसका एहसास हो जाएगा.”
‘हार की वजह कौन है?’
ओवैसी ने साल दर साल सपा की हार पर कहा कि, “समाजवादी पार्टी 2014, 2017, 2019, 2022 और 2024 के चुनाव हार गई, वे इसके लिए किसे दोषी ठहरा रहे हैं? अगर अखिलेश यादव और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री दोनों इतने ही लोकप्रिय और पसंद किए जाने वाले नेता हैं, तो मुख्यमंत्री को संभल से और अखिलेश को गोरखपुर से चुनाव लड़ने दें जनता और AIMIM दोनों को उनके अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में हरा देगी.”
‘UP के CM और अखिलेश यादव के बीच कोई मिलीभगत है’
ओवैसी ने कहा, “UP के CM और अखिलेश यादव के बीच कोई मिलीभगत है. ऐसा लगता है कि वे अयोध्या को फुटबॉल की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं. अयोध्या में पैसे की चोरी हुई; चंदे के बारे में SIT की रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई; जो लोग पकड़े गए थे, उन्हें जमानत मिलने वाली है और फिर भी, आप इस पर राजनीति कर रहे हैं.”
‘हम किसी के गुलाम नहीं हैं’
ओवैसी ने कहा, हमारी तकलीफों के बारे में कोई बात नहीं करता. फिर भी आज, पुलिस किसी को हिरासत में लेती है और उन्हें एक साल तक विरोध-प्रदर्शन न करने का आदेश देती है. मैं अपने ही लोगों को यह कहते हुए देखता हूं, ‘अरे मुसलमानों! ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। उनका समर्थन करो; उन्हीं में से नेहरू और गांधी जैसे लोग निकलेंगे’. यही उनमें और ओवैसी में फर्क है. वे कहते हैं, ‘उनका समर्थन करो’. मैं कहता हूं, ‘तुम नेता बनो’. हम किसी के गुलाम नहीं हैं.



