केंद्र सरकार ने ड्रग्स रूल्स, 1945 में संशोधन करते हुए 12% से अधिक एथिल अल्कोहल वाली ओरल मिलाना जरूरी होती है. चलिए आपको बताते हैं कि ऐसा क्यों किया जाता है?

दवा को मिलाने के लिए दरअसल, कई औषधीय तत्व पानी में ठीक से घुल नहीं पाते हैं. जबकि एथेनॉल की मदद से इन औषधीय उन्हें घोलने में मदद करता है और इस दर दवा नॉर्मल तैयार हो जाती है.
दवा को को सेफ रखने के लिए कई दवाओं में बैक्टीरिया, फंगस या दूसरे सूक्ष्मजीवों बढ़ जाते हैं. इन्हें बढ़ने से रोकने के लिए कुछ ओरल दवाओं में अल्कोहल मिलाया जाता है. इस तरह दवा की शेल्फ लाइफ बढ़ जाती है.
बेहतर एब्जॉर्ब कुछ दवाओं में एक्टिव न्यूट्रिएंट्स अल्कोहल की मौजूदगी में शरीर द्वारा ठीक से अवशोषित हो पाते हैं. इस तरह इनका असर ज्यादा ठीक से हो पाता है.
हर्बल अर्क निकालने के लिए आयुर्वेदिक और हर्बल टिंचर में कई पौधों के सक्रिय तत्व निकालने के लिए एथेनॉल का इस्तेमाल किया जाता है। इससे औषधीय गुण बेहतर तरीके से प्राप्त होते हैं.



