शेयर बाजार में शुक्रवार का दिन डिक्सन टेक्नोलॉजीज के लिए बेहद शानदार रहा. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर कंपनी के शेयरों में 4 फीसदी की जोरदार तेजी देखी गई और भाव उछलकर 14,027 रुपये के स्तर पर पहुंच गया. इस अचानक आई तेजी के पीछे एक बड़ी वजह है. दरअसल, चीनी स्मार्टफोन निर्माता कंपनी वीवो और डिक्सन के बीच एक जॉइंटवेंचर को लेकर लंबे समय से अटकी सरकारी मंजूरी मिल गई है. इस खबर ने बाजार में ऐसा उत्साह भरा कि दिग्गज ब्रोकरेज फर्म एम्के ने इस स्टॉक का टारगेट प्राइस बढ़ाकर 15,000 रुपये के पार कर दिया है.

रॉकेट बन गया शेयर

पिछले कुछ समय से डिक्सन और वीवो के बीच साझेदारी को लेकर बाजार में सुगबुगाहट चल रही थी. दिसंबर 2024 में दोनों कंपनियों ने एक अहम समझौते पर हस्ताक्षर किए थे. इस नई साझेदारी में डिक्सन टेक्नोलॉजीज का पलड़ा भारी रहेगा, जिसके पास 51 फीसदी शेयर कैपिटल होगी, जबकि वीवो इंडिया की हिस्सेदारी 49 फीसदी रहेगी. अब चूंकि इस 51:49 वाले जॉइंटवेंचर को सरकार की तरफ से ‘PN3’ की मंजूरी मिल गई है, तो निवेशकों का भरोसा भी इस शेयर पर और गहरा हो गया है. इसी बहुप्रतीक्षित मंजूरी की वजह से शुक्रवार को शेयर ने ऊंची उड़ान भरी.

वीवो के साथ डील से निवेशकों को क्या मिलेगा?

जब भी कॉरपोरेट जगत में कोई बड़ी डील होती है, तो उसका सीधा असर कंपनी की कमाई और अंततः निवेशकों के मुनाफे पर पड़ता है. ब्रोकरेज फर्म एम्के के ताजा नोट के मुताबिक, इस जॉइंटवेंचर से डिक्सन के स्मार्टफोन निर्माण की रफ्तार कई गुना बढ़ जाएगी. जहां पहले अनुमान था कि डिक्सन के स्मार्टफोन वॉल्यूम में कोई खास इजाफा नहीं होगा, वहीं अब नए अनुमान के मुताबिक वित्त वर्ष 2027 और 2028 में कंपनी वीवो के लिए क्रमशः 65 लाख और 1.8 करोड़ स्मार्टफोन तैयार करेगी. उत्पादन में इस भारी बढ़ोतरी से कंपनी की प्रति शेयर आय में भी वित्त वर्ष 202728 के दौरान 14 से 17 फीसदी तक का तगड़ा इजाफा होने की उम्मीद है. आसान भाषा में कहें तो कंपनी का मुनाफा तेजी से बढ़ेगा, जिसका सीधा फायदा शेयरधारकों को मिलेगा.

ब्रोकरेज फर्म को दिख रहा 15,200 का टारगेट

डिक्सन पहले से ही भारतीय स्मार्टफोन मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का एक बेताज बादशाह है. देश की कुल निर्माण क्षमता में इसकी 45 से 50 फीसदी की बड़ी हिस्सेदारी है. वहीं, वीवो भी भारतीय स्मार्टफोन बाजार में पिछले छह तिमाहियों से 18 से 21 फीसदी की मजबूत हिस्सेदारी रखता है. इन दोनों दिग्गजों के साथ आने से डिक्सन की स्थिति बाजार में और भी अजेय हो गई है. कंपनी की वित्तीय स्थिति बेहद मजबूत है; शानदार कैश फ्लो, 25 फीसदी से ज्यादा का रिटर्न रेश्यो और मुश्किल आर्थिक परिस्थितियों में भी इसका प्रदर्शन दमदार रहा है. इन्हीं मजबूत आंकड़ों को देखते हुए ब्रोकरेज फर्म एम्के ने डिक्सन के शेयर पर ‘BUY’ की रेटिंग बरकरार रखी है. साथ ही, टारगेट प्राइस को 12,500 रुपये से 22 फीसदी बढ़ाकर सीधे 15,200 रुपये कर दिया है.

Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए. TV9 भारतवर्ष अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है.