Reliance Power: शेयर बाजार में गुरुवार का दिन अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस पावर के निवेशकों के लिए बुरी खबर लेकर आया. प्रवर्तन निदेशालय की एक बड़ी कार्रवाई के बाद कंपनी के शेयरों में 5 फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली. ईडी ने फेमा कानून के तहत जांच करते हुए रिलायंस पावर से जुड़ी 2,032.81 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त कर ली हैं. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। ये जब्ती 12 अक्टूबर को जारी किए गए एक आदेश के तहत हुई है. जब्त की गई संपत्तियों में रिलायंस पावर के बैंक खाते के साथसाथ सासन पावर लिमिटेड में कंपनी की हिस्सेदारी भी शामिल है. इस खबर के बाहर आते ही बाजार में घबराहट फैल गई.

ईडी की इस बड़ी कार्रवाई की असल वजह

पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक ये पूरा मामला बहुत पुराना है. इस जांच की शुरुआत सेबी की एक कार्रवाई से हुई थी. सेबी ने रिलायंस पावर की बुक्स में 2,101.46 करोड़ रुपये के राइटऑफ यानी बट्टे खाते में डाले गए पैसों को लेकर सवाल उठाए थे. ये पैसा ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स के साथ ही केमैन आइलैंड्स की कंपनियों में निवेश किया गया था.

ईडी की जांच के तार साल 2006 तक जाते हैं. उस वक्त रिलायंस नेचुरल रिसोर्सेज लिमिटेड ने विदेशी बॉन्ड के जरिए 300 मिलियन डॉलर जुटाए थे. बाद में ये कंपनी रिलायंस पावर में मिल गई. जुटाए गए पैसों में से 275 मिलियन डॉलर सिंगापुर की एक सब्सिडियरी कंपनी में निवेश किए गए. इसके बाद ये पैसा जिनेवा के डॉयचे बैंक में जमा कराया गया. जांच एजेंसी का कहना है कि इसी जमा पैसे का इस्तेमाल विदेशी कंपनियों को लोन दिलाने के लिए गारंटी के तौर पर किया गया. ये सारी कंपनियां भारत से ही रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप के इशारे पर चलाई जा रही थीं.

फर्जी दस्तावेजों से पैसों की हेराफेरी का आरोप

ईडी की जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. एजेंसी का आरोप है कि लोन के पैसों का इस्तेमाल मॉरीशस की विदेशी कंपनियों के जरिए भारत में हेराफेरी करने के लिए किया गया. इसका फायदा ग्रुप को हुआ जबकि असली पैसा विदेशों में ही रखा गया. जब ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स की कंपनियों ने डॉयचे बैंक का लोन नहीं चुकाया तो मामला और बिगड़ गया. ईडी का दावा है कि इस पूरी हेराफेरी को छिपाने के लिए फर्जी दस्तावेज बनाए गए. इन कागजातों के जरिए ये दिखाने की कोशिश की गई कि विदेशी कंपनियों को दिया गया पैसा जायज बिजनेस के लिए था.

कंपनी का इस पूरे विवाद पर पक्ष

इतनी बड़ी कार्रवाई के बाद रिलायंस पावर ने भी अपनी तरफ से सफाई दी है. शेयर बाजार को दी गई जानकारी में कंपनी ने कहा है कि वो ईडी के इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करती है. कंपनी का कहना है कि वो अपने निवेशकों के हितों की रक्षा के लिए कानूनी सलाहकारों की मदद ले रही है. आने वाले समय में हर जरूरी कानूनी कदम उठाया जाएगा.

शेयर बाजार में कैसा है स्टॉक का हाल

इस विवाद का सीधा असर कंपनी के शेयरों पर पड़ा है. गुरुवार को बीएसई पर रिलायंस पावर का शेयर 19.68 रुपये पर खुला था. दिन के कारोबार के दौरान ये 19.84 रुपये के ऊपरी स्तर तक गया लेकिन बाद में गिरकर 18.80 रुपये पर आ गया.

मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि रिलायंस पावर का शेयर अभी लगातार गिरावट के ट्रेंड में है. माय एडवाइजर अल्फा के टेक्निकल एनालिस्ट राजेश भोसले के अनुसार जब भी शेयर में हल्की तेजी आती है तो लोग इसे बेचने लगते हैं. उन्होंने शेयर का अगला सपोर्ट 17.50 रुपये तय किया है. वहीं बोनान्ज़ा के सीनियर एनालिस्ट विराट जगद का कहना है कि शेयर अपने सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे ट्रेड कर रहा है. तकनीकी रूप से ये काफी कमजोर दिख रहा है. अगर शेयर को वापस ऊपर जाना है तो इसे 21.50 रुपये का स्तर पार करना होगा. अगर ये 19 रुपये के नीचे फिसलता है तो निवेशकों को आगे भी नुकसान उठाना पड़ सकता है.

Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए. TV9 भारतवर्ष अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है.