भारत में मशरूम को देसी नामों में कुकुरमुत्ता और खुंबी पुकारा जाता है. आज भारतीय बाजारों में इसे मॉडर्न तरीके से पैकेजिंग करके सब्जी के तौर पर बेचा जाता है. एक समय था जब बारिश में उग जाने पर इसे जंगली समझकर नजरअंदाज कर दिया जाता था. कभी इसे खेत या जंगल में उग जाने वाली चीज के तौर पर देखा जाता था. आज ये एक फेवरेट सब्जी बन गई है. मशरूम के रूप में इसे खाने वाले अलगअलग तरह की डिश बनाकर इसे खाते हैं.

ये मशरूम घरों में ही नहीं रेस्टोरेंट्स में भी गार्निश करके परोसी जाती है. लोग इसका मंचूरियन और सूप तक बनाकर सेवन करते हैं. चलिए आपको बताते हैं कि कुकुरमुत्ता और मशरूम के बीच क्या कनेक्शन है. और ये आम लोगों की थाली तक कैसे पहुंचा?

कुकुरमुत्ता और मशरूम में पर्क?

देखा जाए तो कुकुरमुत्ता और मशरूम इस चीज के दो अलगअलग नाम है. हिंदी में फंफूद की कुछ प्रजातियों को कुकुरमुत्ता कहा जाता है. जबकि इंग्लिश में इस सब्जी को मशरूम पुकारा जाता है. वैसे बता दें कि कुकुरमुत्ता को खाया नहीं जा सकता क्योंकि कुछ जहरीली भी हो सकती है. इसलिए अगर आप जंगल या खेत में उगे किसी अनजान कुकुरमुत्ते को खाने लायक समझते हैं तो ये गलत हो सकता है.

खाने लायक मशरूम की खास तरीके से खेती की जाती है. इसमें इसके टाइप, क्वालिटी और प्रोडक्शन के प्रोसेस पर फोकस किया जाता है. ताकि इसे सब्जी के रूप में इस्तेमाल किया जा सके

मशरूम का वेजिटेबल वाला चलन कैसे बढ़ा?

भारत में ज्यादातर लोग सफेद मशरूम को ही आते हैं लेकिन इसका इस्तेमाल किसी देश या मॉडर्न दुनिया तक सीमित नहीं है. पूरी दुनिया में अलगअलग जगहों पर लंबे समय से लोग मशरूम को जमा करते आए हैं और खा रहे हैं. वक्त बीतने के साथ इसकी खेती में बदलाव आया और इसकी तकनीक में डेवलपमेंट आई. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इस तरह मशरूम को बड़े पैमाने पर उगाया जाने लगा. बता दें कि सफेद मशरूम की व्यावसायिक खेती की हिस्ट्री यूरोप और खासतौर पर फ्रांस से जुड़ी है.

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की ओर से किए गए कई रिसर्च में मशरूम प्रोडक्शन के विस्तार और इसके अलगअलग टाइप्स की खेती का जिक्र किया गया है. आज देश में बटन वाली सफेद मशरूम के अलावा ऑयस्टर, मिल्की और पैडी स्ट्रॉ मशरूम की खेती भी की जाती है.

सफेद मशरूम के पॉपुलर होने का बड़ा कारण इसकी आसान पहचान, आकार और अलगअलग डिशेज में आसानी से इस्तेमाल होना है.

भारत में मशरूम आज क्यों पॉपुलर

ट्रेडिशनल वेजिटेबल्स से अलग स्वाद: मशरूम का स्वाद और बनावट दूसरी आम सब्जियों से अलग है. पकने के बाद ये नरम हो जाती है. इसका स्वाद मसालों, क्रीम, टमाटर, लहसुन और कई तरह की सॉस के साथ अच्छी तरह मेल खाता है. यही वजह है कि इसे भारतीय ग्रेवी वाली सब्जियों से लेकर चाइनीज और कॉन्टिनेंटल व्यंजनों तक में इस्तेमाल किया जाता है.

वेजिटरेयन्स के लिए बेस्ट ऑप्सशन: भारत में बड़ी संख्या में लोग शाकाहारी खाना खाते हैं. मशरूम से अलगअलग टेस्टी चीजें तैयार की जा सकती है. इसमें मटर मशरूम, मशरूम मसाला, मशरूम टिक्का और सूप शामिल है. इसलिए ये भारत में आज काफी पॉपुलर हो गई है.

होटल और रेस्तरां के मेन्यू में शामिल: पिज्जा, पास्ता, सूप, सैंडविच, बर्गर और कई तरह के स्टार्टर में मशरूम का इस्तेमाल होता है. होटल और रेस्तरां में इन व्यंजनों की उपलब्धता ने भी मशरूम को अधिक लोगों तक पहुंचाने में भूमिका निभाई है.