छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में गंगरेल बांध के निर्माण के लिए जमीन और मकान गंवाने वाले 52 गांवों के प्रभावित परिवारों का आंदोलन फिलहाल स्थगित हो गया है. भूमि आवंटन की मांग को लेकर 12 अक्टूबर 2026 से शुरू हुआ जल सत्याग्रह और अनिश्चितकालीन धरना 14 अक्टूबर को जिला प्रशासन के साथ लिखित सहमति बनने के बाद रोक दिया गया. हालांकि, प्रभावित परिवारों की जमीन आवंटित करने की मूल मांग का अब तक अंतिम निराकरण नहीं हुआ है. ऐसे में अब उनकी निगाहें प्रशासन की ओर से आगे की जाने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं.

गंगरेल बांध के डूब प्रभावित परिवार लंबे समय से विस्थापन और भूमि आवंटन की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं. उनका आरोप है कि छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के निर्देश के छह साल बाद भी उनकी मांगों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है. इसी के विरोध में डूबान संघर्ष समिति ने जल सत्याग्रह और अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया था.

आंदोलन के तीसरे दिन नौ लोगों की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया. इस घटनाक्रम के बाद प्रशासन में हलचल तेज हो गई. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इसके बाद 14 अक्टूबर को प्रशासन और समिति के प्रतिनिधियों के बीच बैठक हुई. इसमें आगे की कार्रवाई को लेकर दो महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सहमति बनी.

15 से 20 दिनों में राजस्व और वन मंत्री से चर्चा

14 अक्टूबर को शाम 6:15 बजे गंगरेल स्थित निरीक्षण गृह में बैठक आयोजित की गई. इसमें राजस्व, पुलिस और सिंचाई विभाग के अधिकारी मौजूद रहे. बैठक के लिखित कार्यवाही विवरण के अनुसार, सहमति बनी कि जिला प्रशासन 15 से 20 दिनों के भीतर राजस्व मंत्री और वन मंत्री से डूब प्रभावितों के हित में नियमानुसार कार्रवाई के संबंध में चर्चा करेगा.

इस पहल का उद्देश्य लंबे समय से लंबित भूमि आवंटन के मामले को शासन के उच्च स्तर तक पहुंचाना है. हालांकि, लिखित सहमति में भूमि आवंटन की कोई निश्चित तारीख तय नहीं की गई है. अब प्रभावित परिवार निर्धारित समयसीमा के भीतर होने वाली चर्चा और उसके परिणाम का इंतजार करेंगे.

बैठक में तय किए गए दूसरे बिंदु के मुताबिक, मंत्रियों से चर्चा के बाद मुख्यमंत्री से अनुमति लेकर दोनों पक्षों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में संबंधित मुद्दों पर बातचीत की जाएगी. हालांकि, मुख्यमंत्री से मुलाकात की तारीख या अंतिम निर्णय के लिए कोई निश्चित समयसीमा तय नहीं की गई है.

छह साल से लंबित है भूमि आवंटन का मामला

गंगरेल बांध के डूब प्रभावितों के भूमि आवंटन और अधिकारों से जुड़े मामले में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने 16 दिसंबर 2020 को आदेश पारित किया था. समिति का कहना है कि पात्र प्रभावित परिवारों की जांच पूरी कर नियमानुसार भूमि आवंटन की प्रभावी कार्रवाई की जानी चाहिए.

लिखित सहमति के बाद आंदोलन स्थगित कर दिया गया है, लेकिन प्रभावितों की मूल मांग अभी बाकी है. अब समिति की नजर प्रशासन की ओर से किए जाने वाले वादे के पालन पर रहेगी.