गुजरात की इंटीग्रेटेड कॉटन यार्न निर्माता आस्था स्पिनटेक्स के शेयर में 5% का अपर सर्किट देखने को मिला और भाव 122 रुपए पर पहुंच गया. कंपनी ने Falcon Yarns के अधिग्रहण का ऐलान किया है, जिसे उसके विस्तार की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है.

इस डील के पूरा होने के बाद कंपनी की स्पिनिंग क्षमता 7,700 MT से बढ़कर 17,457 MT हो जाएगी. वहीं स्पिंडल क्षमता 25,920 से बढ़कर 61,824 तक पहुंच जाएगी. यानी कंपनी की उत्पादन क्षमता में बड़ा इजाफा होगा, जिससे वह घरेलू और निर्यात दोनों बाजारों की बढ़ती मांग को बेहतर तरीके से पूरा कर सकेगी.
तेजी से बढ़ रही है कॉटन यार्न की मांग
Falcon Yarns के पास गुजरात में आधुनिक स्पिनिंग यूनिट है, जिसमें 35,904 स्पिंडल और 9,757 MT सालाना उत्पादन क्षमता मौजूद है. इस अधिग्रहण से आस्था स्पिनटेक्स की मैन्युफैक्चरिंग मजबूत होगी, बड़े पैमाने पर उत्पादन का फायदा मिलेगा और प्रति यूनिट लागत कम करने में भी मदद मिल सकती है. कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर दिव्यांग जशवंत पटेल के मुताबिक, यह अधिग्रहण कंपनी की लंबी अवधि की विकास रणनीति का हिस्सा है. उनका कहना है कि बढ़ती कॉटन यार्न मांग को देखते हुए यह विस्तार ग्राहकों को बेहतर गुणवत्ता, अधिक उत्पादन और भरोसेमंद सप्लाई देने में मदद करेगा.
170 करोड़ के IPO ने मचाया धमाल
हाल ही में कंपनी ने ₹170 करोड़ का IPO सफलतापूर्वक पूरा किया था और 6 जुलाई 2026 को NSE और BSE पर लिस्ट हुई थी. IPO से जुटाई गई राशि का एक बड़ा हिस्सा Falcon Yarns के अधिग्रहण, वर्किंग कैपिटल और सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों के लिए इस्तेमाल किया जाएगा. अब निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि कंपनी इस अधिग्रहण को कितनी तेजी और प्रभावी ढंग से अपने कारोबार में शामिल कर पाती है. यदि प्रबंधन योजनानुसार क्षमता बढ़ाने और परिचालन दक्षता का लाभ उठाने में सफल रहता है, तो यह सौदा लंबे समय में कंपनी की ग्रोथ को नई रफ्तार दे सकता है. अगर कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन पर नजर डालें तो पिछले दो वर्षों में शानदार सुधार देखने को मिला है. FY23 में ₹240 करोड़ का राजस्व FY25 में बढ़कर ₹352 करोड़ हो गया, जबकि शुद्ध मुनाफा ₹1.1 करोड़ से बढ़कर ₹23 करोड़ पहुंच गया. ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन और EBITDA मार्जिन में भी उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है, जो बेहतर लागत नियंत्रण और परिचालन दक्षता को दर्शाता है.



