रामपुर। पुलिस मुख्यालय से मिले निर्देश के बाद साइबर ठगों के खिलाफ चलाए गए आपरेशन साइवज्र के तहत तीन अलगअलग थानाक्षेत्रों में चार आरोपितों के नाम सामने आए। इनमें से पुलिस ने तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया जबकि, चौथा आरोपित अभी पुलिस के हाथ नहीं लगा है।

कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज की गई है। एसपी सोमेंद्र मीना ने बताया कि भोलेभाले लोगों को मोबाइल पर बातों में उलझाकर व भयभीत कर साइबर ठग उनके बैंक खाते खाली कर रहे हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।

मिलक में दो साइबर ठग दबोचे, सात मोबाइल व नौ एटीएम कार्ड बरामद
नौकरी की तलाश में भटक रहे बेरोजगार युवाओं को अच्छी सैलरी की नौकरी का झांसा देकर उनसे रुपये ऐंठने वाले साइबर ठग गिरोह का पुलिस ने राजफाश किया है। पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने गुरुवार को मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है।

पकड़े गए आरोपितों के पास से पुलिस ने ठगी में इस्तेमाल होने वाले 7 मोबाइल फोन, 9 एटीएम कार्ड, बैंक पासबुक, चेकबुक और सिमकार्ड बरामद किए हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपितों की पहचान बरेली के थाना शीशगढ़ क्षेत्र के ग्राम गुलाड़िया निवासी विकास गंगवार और ग्राम बीसलपुर निवासी राजीव के रूप में हुई है।

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपित सोशल मीडिया और गूगल पर फर्जी वेबसाइट चलाते थे। इन वेबसाइट पर बड़ीबड़ी कंपनियों में अच्छी सैलरी वाली नौकरियों के विज्ञापन डालते थे। जब कोई बेरोजगार युवा आवेदन करता तो आरोपी उससे सीवी मंगाकर फोन पर फर्जी इंटरव्यू लेते।

चयन हो जाने का झांसा देकर फिर डाक्यूमेंट वेरिफिकेशन, ज्वाइनिंग फीस और सिक्योरिटी डिपाजिट के नाम पर अलगअलग बैंक खातों में रुपये जमा कराते। रकम मिलते ही आरोपित अपना नंबर बंद कर देते और नए शिकार की तलाश शुरू कर देते। साइबर सेल के अनुसार अभी तक समन्वय पोर्टल पर इनके खिलाफ आठ शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं। बुधवार को दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया।

डिजिटल अरेस्ट कर साइबर ठगी करने का आरोपित नामजद
साइबर ठगी के मामलों में मिलक खानम पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट और पार्ट टाइम नौकरी का झांसा देकर ऑनलाइन धोखाधड़ी करने के आरोप में एक नामजद समेत अज्ञात आरोपितों के प्राथमिकी दर्ज की है।

पुलिस के अनुसार, एनसीआरपी एवं 14सी पोर्टल पर उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, पंजाब और पश्चिम बंगाल से प्राप्त साइबर शिकायतों की जांच के दौरान करन सिंह निवासी ग्राम बेवक्ता, थाना मिलक खानम का नाम सामने आया।

इसके बाद उपनिरीक्षक विनोद कुमार की ओर से दी गई तहरीर में आरोप लगाया गया है कि आरोपितों ने संगठित गिरोह बनाकर लोगों को विभिन्न योजनाओं का झांसा दिया, उन्हें डिजिटल अरेस्ट कर भयभीत किया तथा पार्ट टाइम नौकरी और निवेश का लालच देकर ऑनलाइन ठगी की।

धोखाधड़ी से प्राप्त धनराशि को विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से छिपाने, स्थानांतरित करने और निकासी करने का भी आरोप है। इस मामले में थाना मिलक खानम में प्राथमिकी दर्ज कर करन सिंह तथा अन्य अज्ञात आरोपितों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है। थानाध्यक्ष नरेश कुमार का कहना है कि मामले में अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

टांडा में नीरजपाल स्कीम के बहाने बनाता था ठगी का शिकार, गिरफ्तार
मासूम लोगों को धोखा देकर निवेश कराने, पार्ट टाइम नौकरी के आफर देकर या ऐसी दूसरी स्कीम के बहाने धोखाधड़ी करने के आरोपित को पुलिस ने दबोचा है।

दारोगा दिनेश कुमार की ओर से दर्ज कराई गई प्राथमिकी में आरोप है कि नीरजपाल निवासी ग्राम नंगलिया कासमगंज ने छितरिया स्थित एक बैंक में अपनी पत्नी रीनापाल के नाम से खाता खुलवाया है। नीरजपाल भोलेभाले लोगों को सब्जबाग दिखाकर पत्नी के बैंक खाते में रुपये ट्रांसफर करा लेता था। आरोपित को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।