बिहार के वैशाली जिले में गंगा नदी में हुए नाव हादसे ने कई परिवारों को उजाड़ दिया है. राघोपुर थाना क्षेत्र के रामपुर श्यामचंद गांव के पास मंगलवार शाम नाव पलटने से 13 बच्चों की मौत हो गई. मृतकों में 9 बच्चियां और 4 बच्चे शामिल हैं. सभी की उम्र 15 साल से कम बताई गई है. हादसे के बाद गांव में मातम पसरा है. वहीं, स्थानीय लोगों ने जर्जर नाव के संचालन और प्रशासनिक लापरवाही को लेकर सवाल उठाए हैं.

वैशाली की जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने बताया कि हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासन ने राहत और बचाव अभियान शुरू कर दिया था. अब तक 13 शव बरामद किए गए हैं और छह लोगों को बचाया गया है. उन्होंने कहा कि नाव निजी तौर पर रजिस्टर्ड थी और उसके संचालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
डीएम के मुताबिक, सूर्यास्त के बाद निजी और सरकारी, दोनों तरह की नावों के परिचालन पर रोक लगाने के निर्देश पहले से हैं. इसके बावजूद हादसा होना गंभीर चूक है. उन्होंने कहा कि नाव संचालन के लिए जिम्मेदार लोगों के साथ निगरानी में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर भी कार्रवाई होगी. अंचल अधिकारी और थानाध्यक्ष की जिम्मेदारी की भी जांच की जाएगी.
श्राद्ध के भोज में शामिल होने जा रहे थे
रामपुर श्यामचंद गांव के एक टोले के करीब 20 से 22 बच्चे नाव पर सवार होकर गंगा पार जा रहे थे. उन्हें गांव के ही सिंगेश्वर राय के यहां आयोजित श्राद्ध के भोज में शामिल होना था. बताया गया कि सिंगेश्वर राय की बच्ची की मौत के बाद श्राद्ध कार्यक्रम रखा गया था.
इसी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बच्चे नाव से नदी पार कर रहे थे, तभी नाव गंगा में पलट गई. हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और प्रशासन की टीमें बचाव कार्य में जुट गईं. इस दुर्घटना में 13 बच्चों की जान चली गई, जबकि छह लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया. बचाए गए लोगों में दो वयस्क और चार बच्चे शामिल हैं. उनका इलाज एनएमसीएच में चल रहा है.
जर्जर नाव को लेकर ग्रामीणों ने लगाए आरोप
हादसे के बाद ग्रामीणों ने नाव की खराब हालत का मुद्दा उठाया. स्थानीय निवासी रवि कुमार के मुताबिक, नाव जर्जर थी और उसे बदलने की मांग पहले भी की गई थी. उनका आरोप है कि संबंधित अधिकारियों ने शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया. ग्रामीणों ने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग करते हुए प्रदर्शन भी किया. एसडीआरएफ के उपनिरीक्षक जय दीप नारायण सिंह ने बताया कि क्षतिग्रस्त नाव को नदी से निकाल लिया गया है और तलाशी अभियान जारी है. प्रशासन के अनुसार, स्थानीय स्तर पर एसडीआरएफ के दो स्टेशन बनाने की भी योजना है.
मृतकों के परिवारों को चारचार लाख रुपये की मदद
बिहार सरकार ने मृतकों के परिजनों को चारचार लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है. हादसे के बाद कई स्थानीय नेता भी घटनास्थल पहुंचे और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताई. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने बुधवार को राघोपुर जाकर पीड़ित परिवारों से मिलने की बात कही. विधायक तेजस्वी यादव ने भी दिल्ली से लौटने के बाद अपने क्षेत्र का दौरा करने की बात कही थी.
फिलहाल गांव में शोक का माहौल है. ग्रामीणों को उम्मीद है कि हादसे की निष्पक्ष जांच होगी और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदी दोबारा न हो.



