कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और जंतरमंतर पर प्रदर्शन के मुद्दे पर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने आरोप लगाया कि SIR के तहत मतदाता सूची से बाहर किए गए 13.3 करोड़ भारतीयों को घुसपैठिया बताना भारतीयता का अपमान है. खड़गे ने जंतरमंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाए जाने को विरोध करने के अधिकार पर हमला बताया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बचाने का आरोप लगाया.

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘पहले वोट चोरी और अब विरोध करने के अधिकार की चोरी, बीजेपी की तानाशाही को दिखाती है.’ उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता से सवाल पूछने वालों को जेल भेजा जा रहा है, युवाओं पर लाठीचार्ज किया जा रहा है और उन्हें हिरासत में लिया जा रहा है. उन्होंने महिला प्रदर्शनकारियों के साथ पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए. खड़गे ने कहा कि मोदी और शाह की नीतियों के खिलाफ लोग आवाज उठाते रहेंगे और सरकार से जवाब मांगेंगे.
गृह मंत्री द्वारा SIR में बाहर 13.3 करोड़ भारतीयों को घुसपैठिया घोषित करना भारतीयता का अपमान है।
सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के बावजूद, जंतरमंतर को designated protest site से हटाकर
पहले वोट चोरी फिर विरोध करने के अधिकार की चोरी भाजपाई तानाशाही का प्रमाण है।ज्ञानेश कुमार को बचाना बंद कीजिए !
सत्ता से सवाल पूछने वालों को जेल,
युवाओं को लाठीडंडे, जबरन हिरासतहमारी बेटियों से पुलिसिया बर्बरता,
RSS गुंडों को खुलेआम छूट,मोदीशाह की दमनकारी नीतियों के आगे अब कोई नहीं झुकेगा,
देश आवाज़ उठा रहा है, भाजपा से एकएक बात का हिसाब लेकर रहेगा।
— Mallikarjun Kharge October 14, 2026
जयराम रमेश ने गृह मंत्री से पूछे तीन सवाल
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने भी SIR को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से तीन सीधे सवाल पूछे हैं. उन्होंने पूछा कि SIR के दौरान कितने घुसपैठियों की पहचान हुई, कितने लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए और कितने लोगों को देश से निर्वासित किया गया?
जयराम रमेश ने कहा कि करीब 100 करोड़ भारतीयों को SIR प्रक्रिया से गुजरना पड़ा है और उन्हें इसके नतीजे जानने का अधिकार है. उन्होंने आरोप लगाया कि घुसपैठियों का मुद्दा उठाकर सरकार मतदाता सूची से बड़ी संख्या में भारतीयों के नाम हटाए जाने के सवाल से ध्यान भटका रही है.
SIR का लगातार बचाव कर रहे केंद्रीय गृह मंत्री से तीन बेहद सरल और सीधे सवाल हैं:
1. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। कितने घुसपैठियों की पहचान हुई?
2. कितने घुसपैठियों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए?
3. कितने घुसपैठियों को देश से बाहर भेजा गया?100 करोड़ भारतीयों को SIR की प्रक्रिया से गुज़रना पड़ा है। उन्हें इसके नतीजे जानने का पूरा अधिकार है।
हकीकत यह है कि Shah Instigated Removal के सूत्रधार बारबार घुसपैठियों का तर्क देकर असल मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं। जबकि असलियत यह है कि PMHM की हताश जोड़ी ने करीब 14 करोड़ भारतीयों से उनका वोट देने का संवैधानिक अधिकार छीन लिया है।
क्या गृह मंत्री यह कहना चाहते हैं कि ये 14 करोड़ भारतीय घुसपैठिए हैं? क्या गृह मंत्री के तौर पर उनकी निगरानी में देश में घुसपैठियों की संख्या में इतनी भारी बढ़ोतरी हुई है?
— Jairam Ramesh October 14, 2026
14 करोड़ लोगों के नाम हटाने का आरोप
जयराम रमेश ने दावा किया कि SIR के जरिए करीब 14 करोड़ भारतीयों को उनके संवैधानिक मताधिकार से वंचित किया जा रहा है. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सरकार मतदाता सूची से बाहर किए गए इन लोगों को घुसपैठिया मान रही है? उन्होंने गृह मंत्री से यह भी पूछा कि अगर देश में घुसपैठियों की संख्या बढ़ी है, तो इसके लिए सरकार की जवाबदेही क्या है?



