देवरिया के थाने में जेनरेटर खराब होने पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सख्त टिप्पणी की है. कोर्ट ने कहा थाने में अंधेरा होना ये तो हैरान करने वाला मामला है. यहां बिजली गुल होने पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एसपी देवरिया से जवाब मांगा है. देवरिया से जुड़े मामले में हाई कोर्ट ने कहा कि थाने जैसी संवेदनशील जगह को बिना बिजली के अंधेरे में रखा जाता है. क्या सरकार द्वारा दिया गया जेनरेटर भी ठीक से काम नहीं कर रहा है?

कोर्ट ने इस मामले में देवरिया के पुलिस अधीक्षक को अपना पर्सनल हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया. ये मामला देवरिया के भलुअनी थाने से जुड़ा है. कोर्ट ने एसपी देवरिया से पूछा कि थाने का जेनसेट काम क्यों नहीं कर रहा है. इसे ठीक करने के लिए कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई ताकि पावर कॉर्पोरेशन की सप्लाई न होने पर भी बिजली मिलती रहे.

28 जुलाई को होगी अगली सुनवाई

कोर्ट अब इस मामले में 28 जुलाई को अगली सुनवाई करेगी. याचिकाकर्ता नगेंद्र कुमार यादव का आरोप है कि उसे तीन अप्रैल 2026 को थाने के लॉकअप में बंद करके रखा गया था. इसी मामले में थाने की सीसीटीवी न दिए जाने पर कोर्ट नाराज है. कोर्ट ने कहा कि इस तरह की लापरवाही किसी भी तरीके से बर्दाश्त नहीं है. थाने जैसी जगह पर बिजली का होना जरूरी है.

थाने में बिजली नहीं होने की दी थी दलील

कोर्ट में एसएचओ ने याचिकाकर्ता को लॉकअप में रखने के संबंध में बचाव करते हुए दलील दी कि उस समय थाने में बिजली नहीं थी इसलिए वो सीसीटीवी फुटेज की जांच नहीं कर सके. कोर्ट ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए देवरिया के पुलिस अधीक्षक को अपना व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है. इस मामले में कोर्ट ने अगली सुनवाई पर थाने के एसएचओ को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में मौजूद रहने का आदेश दिया. जस्टिस अजीत कुमार और जस्टिस इंद्रजीत शुक्ला की डबल बेंच ने आदेश दिया.