Healthy Dosa Recipe For Breakfast: दक्षिण भारत अपने पारंपरिक व्यंजनों के लिए दुनिया भर में मशहूर है। दक्षिण भारत से निकला इडलीडोसी आज भारत के हर राज्य, हर गलीकूचे में मिलता है, जिसे लोग ब्रेकफास्ट के तौर पर खाना पसंद करते हैं।

कर्नाटक के कई घरों में मानसून और गर्मियों के मौसम में एक बनाई जाती है, जिसे पेलेकाई पोलो या पोंसा पोलो कहते हैं। यह एक डोसा है, जिसे पके हुए कटहल, चावल, नारियल और गुड़ को मिलाकर बनाया जाता है। तैयार किया जाता है। इसका स्वाद हल्का मीठानमकीन होता है।

पेलेकाई डोसा बनाने की सामग्री

  • 1 कप कच्चा चावल
  • 1 कप पके हुए कटहल की कलियां
  • ½ कप ताजा कद्दूकस किया हुआ नारियल
  • 2 से 3 बड़े चम्मच गुड़
  • 5 से 8 काली मिर्च
  • 2 से 3 हरी इलायची
  • 1 चुटकी नमक
  • आवश्यकता अनुसार पानी
  • डोसा सेंकने के लिए घी या नारियल का तेल
  • ½ छोटा चम्मच मेथी दाना
  • एक मुट्ठी पोहा

पेलेकई डोसा

पेलेकाई डोसा बनाने की विधि

  • सबसे पहले चावल को अच्छी तरह धोकर 4 से 6 घंटे के लिए पानी में भिगो दें। यदि आप मेथी दाना इस्तेमाल कर रहे हैं, तो उसे भी चावल के साथ ही भिगो दें।
  • अब एक मिक्सर जार में भीगे हुए चावल, पके कटहल की कलियां, कद्दूकस किया हुआ नारियल, गुड़, काली मिर्च, इलायची और एक चुटकी नमक डालें। इसमें थोड़ाथोड़ा पानी मिलाते हुए एक स्मूद बैटर तैयार कर लेंगे।
  • इसे क्रिस्पी बनाने के लिए भीगे हुए पोहे का इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • बैटर तैयार होने के बाद इसे किसी बड़े बर्तन में निकालकर ढक दें और 7 से 8 घंटे या रातभर के लिए फर्मेंट होने के लिए रख दें। फर्मेंट होने के बाद बैटर को एक बार हल्के हाथ से मिला लें।
  • अब एक नॉनस्टिक तवा या लोहे का तवा मध्यम आंच पर गर्म करें और उस पर थोड़ासा घी या नारियल का तेल लगाएं। अब तवे पर बैठर डालकर हल्के हाथ से घुमाएं और इसे ढककर 2 से 3 मिनट तक पकने दें। जब तक नीचे की तरफ से सुनहरा और कुरकुरा हो जाए।
  • इसके बाद ऊपर से थोड़ा घी डालें और डोसे को पलटकर दूसरी तरफ लगभग 1 मिनट तक पकाएं। जब दोनों तरफ से डोसा अच्छी तरह पक जाए, तो इसे प्लेट में निकाल लें।
  • गरमागरम पेलेकाई डोसा को नारियल की चटनी, गुड़, घी या फिर एक कप गर्म चाय या फिल्टर कॉफी के साथ सर्व करें।

रेसिपी टिप्स

  • अच्छी मिठास के लिए पूरी तरह पके और खूशबूदार कटहल का इस्तेमाल करें।
  • यदि कटहल ज्यादा मीठा है, तो गुड़ की मात्रा कम कर दें।
  • बैटर को रातभर फर्मेंट करने से डोसे का स्वाद और टेक्सचर बेहतर होता है।
  • इस डोसा को बनाने में नारियल तेल का इस्तेमाल करने से पारंपरिक साउथ इंडियन फ्लेवर मिलता है।
  • अगर आप डोसा हल्का कुरकुरा पसंद करते हैं, तो बैटर में भीगा हुआ पोहा जरूर मिलाएं।