Journalist Richa Parashar Allegation: दिल्ली में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के साथ धक्कामुक्की करने का आरोप लगा है। Oneindia की पत्रकार ऋचा पराशर का दावा है कि, सुप्रीम कोर्ट परिसर से बाहर निकलते समय राहुल गांधी ने उनका हाथ पकड़ा और जोर से खींचा, जिसके बाद वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों की धक्कामुक्की के बीच वह सीढ़ियों पर गिर गईं। पत्रकार ने बताया कि वह तीन महीने की गर्भवती हैं और घटना के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं, कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे बीजेपी का प्रोपेगेंडा बताया है।

ऋचा पराशर ने क्या बताया?
महिला पत्रकार ने Rahul Gandhi पर लगाए सनसनीखेज आरोप !
दिल्ली के विरोध प्रदर्शन में घायल हुई महिला पत्रकार रिचा पराशर ने वीडियो साझा कर सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। वीडियो में रिचा ने कहा कि जो नेता ‘स्मैश द पैट्रियार्की’ का नारा देते हैं, उन्हीं के धक्के से यह हादसा हुआ। उन्होंने… pic.twitter.com/HryyJZPUyw
— Bansal News Official October 13, 2026
ऋचा पराशर के अनुसार, वह सुप्रीम कोर्ट परिसर में उस गेट के पास खड़ी थीं, जहां से राहुल गांधी के बाहर निकलने की उम्मीद थी। वह उनका बयान रिकॉर्ड करना चाहती थीं। पत्रकार का कहना है कि जब उन्होंने अपना माइक आगे बढ़ाया, तो उन्हें उसे हटाने का इशारा किया गया। उन्होंने माइक पीछे कर लिया, लेकिन दूसरे पत्रकारों को कैमरे और माइक के साथ देखकर दोबारा आगे बढ़ाया।
ऋचा का आरोप है कि इसी दौरान राहुल गांधी October 13, 2026
ऋचा पराशर ने बताया कि घटना के बाद उन्हें पेट में हल्का दर्द महसूस हुआ। इसके बाद उन्हें दिल्ली के गंगाराम अस्पताल ले जाया गया। उनका कहना है कि उन्होंने अपनी गर्भावस्था की जानकारी पहले अपने संस्थान और अन्य लोगों को नहीं दी थी। अस्पताल में जांच के दौरान उन्होंने नर्स को इसके बारे में बताया, जिसके बाद डॉक्टरों ने उनकी जांच की प्रक्रिया में बदलाव किया। पत्रकार के मुताबिक, उन्हें उल्टी होने लगी, जिसके बाद डॉक्टरों ने अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी। उन्होंने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर घटना को लेकर उनके बारे में की जा रही टिप्पणियों से वह आहत हैं।
विपक्ष के प्रदर्शन के दौरान हुई घटना
यह मामला मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के विरोध में विपक्षी गठबंधन INDIA के प्रदर्शन से जुड़ा है। आरोप के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट परिसर में राहुल गांधी के बाहर निकलने के दौरान पत्रकारों की भीड़ जुटी थी और इसी बीच धक्कामुक्की हुई। ऋचा पराशर ने कहा कि वह एक पत्रकार हैं और अपना काम कर रही थीं। उनका कहना है कि किसी राजनीतिक दल से जुड़े विवाद के बजाय इस घटना को एक पत्रकार के काम और उसकी सुरक्षा के नजरिए से देखा जाना चाहिए।
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कांग्रेस ने आरोपों को किया खारिज
कुछ तो शर्म करो अंधभक्तों
एक्सरे और पोस्टमार्टम की ज़रूरत तो भाजपिल्लों तुम को है1st: Protest during pregnancy carries risk.
2nd: They say Rahul Gandhi pushed her at 34 PM & then say she went to hospital at 8:30 PM.
3rd: Her sister reached BJP MLA’s office to… https://t.co/c6C1QhF51q
— Alka Lamba 🇮🇳 October 13, 2026
कांग्रेस ने राहुल गांधी ( पर लगाए गए आरोपों से इनकार किया है। पार्टी नेताओं और समर्थकों का कहना है कि सामने आए वीडियो में कथित धक्का देने की घटना स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देती। कांग्रेस नेताओं ने इसे बीजेपी की ओर से बनाया गया प्रोपेगेंडा बताया है। कांग्रेस नेता अलका लांबा ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट कर पत्रकार के आरोपों पर सवाल उठाए। उन्होंने घटना के समय, अस्पताल पहुंचने और जांच से जुड़े कुछ पहलुओं का उल्लेख करते हुए आरोपों की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। हालांकि, पत्रकार ने अपने बयान में राहुल गांधी पर हाथ खींचने और धक्कामुक्की का आरोप दोहराया है। फिलहाल, इस मामले में दोनों पक्षों के दावे सामने आए हैं। घटना की पूरी परिस्थितियों और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि के बिना किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
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