प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को दिल्ली में आयोजित ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में शिरकत की. इस दौरान उन्होंने कार्यक्रम को संबोधन किया. उन्होंने कहा कि वो ‘पावर टू एम्पावर’ के विज़न के साथ ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमिक फ़ोरम में आए हैं. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि असली सवाल यह नहीं है कि शक्ति किसके पास है, बल्कि यह है कि लोगों के फायदे के लिए उसका इस्तेमाल कैसे किया जा रहा है.

फोरम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि टेक्नोलॉजी, डेटा, ज्ञान और इनोवेशन शक्ति के स्रोत बनकर उभरे हैं. उन्होंने लाखों लोगों के लिए अवसर पैदा करने के लिए इनका इस्तेमाल करने की जरूरत पर जोर दिया.
‘ब्लूमबर्ग ने सही समय पर सही जगह का चुनाव किया’
भारत में पहली बार इस फोरम की मेजबानी करने के फैसले का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि ब्लूमबर्ग के संस्थापक माइकल ब्लूमबर्ग ने सही समय पर सही जगह का चुनाव किया है. पीएम मोदी ने कहा ‘हर साल इस फोरम में हम अर्थव्यवस्था, ऊर्जा वगैरह पर चर्चा करते हैं. पहली बार इसका आयोजन भारत में हो रहा है. मैं मिस्टर ब्लूमबर्ग से कहना चाहता हूं कि उन्होंने सही समय पर सही जगह चुनी है’.
‘टेक्नोलॉजी का फायदा ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचे’
प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि टेक्नोलॉजी की तरक्की का फायदा समाज के ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचे. उन्होंने कहा कि ध्यान इस बात पर होना चाहिए कि सत्ता का उपयोग कुछ ही लोगों के हाथों में केंद्रित रहने के बजाय लोगों को सशक्त बनाने के लिए कैसे किया जा सकता है.उन्होंने कहा ‘सही सवाल यह है कि इस शक्ति का उपयोग कैसे किया जा रहा है? क्या प्रौद्योगिकी केवल कुछ लोगों के लिए लाभदायक होगी या करोड़ों लोगों के लिए अवसर पैदा करेगी? क्या ज्ञान कुछ ही लोगों की ताकत बना रहेगा, या यह सभी को सशक्त बनाएगा?’.
‘भारत कभी अपने कामों का श्रेय नहीं मांगता’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा ‘जब भी दुनिया को एक मजबूत सहारे की जरूरत होती है, भारत अपनी ज़िम्मेदारी समझता है और मदद का हाथ बढ़ाता है. हम किसी का नुकसान करके आगे नहीं बढ़ते. हम दुनिया के साथ और दुनिया के लिए आगे बढ़ते हैं’. उन्होंने कहा कि भारत कभी अपने कामों का श्रेय नहीं मांगता.
पीएम ने कहा ‘आज की चुनौतियों से निपटने के हमारे विचारों में ये बातें झलकती हैं. इतिहास में कई ग्लोबल संगठन बने हैं, और हर एक के अपने फ़ायदे रहे हैं. लेकिन भारत ने ऐसे ग्लोबल प्लेटफ़ॉर्म बनाए हैं. जैसे इंटरनेशनल सोलर अलायंस, कोएलिशन फ़ॉर डिज़ास्टर रेज़िलिएंट इंफ़्रास्ट्रक्चर. दूसरे शब्दों में भारत ने ऐसी पहल की हैं जिनसे सभी को, हर जीवन को फ़ायदा हो’.
#WATCH | Delhi | PM Narendra Modi says, “Whenever the world needs a strong pillar, India understands its responsibility and extends a helping hand. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। We do not grow at anyone’s cost; we grow with the world and for the world. And India does not seek credit for what it does…”
He also says, “Our ideas for tackling today’s challenges reflect these elements. Throughout history, many global organizations have been formed, each with its own advantages. But India has created global platforms… such as the International Solar Alliance, the Coalition for Disaster Resilient Infrastructure… In other words, India has taken initiatives that benefit everyone, every life…”
— ANI October 13, 2026
‘दूसरों की सफलता को प्राथमिकता दी जाए’
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस दृष्टिकोण के लिए सोच में बदलाव की आवश्यकता है, जिसमें नियंत्रण के बजाय सशक्तिकरण, प्रतिस्पर्धा के बजाय सहयोग और व्यक्तिगत सफलता के बजाय दूसरों की सफलता को प्राथमिकता दी जाए.उन्होंने कहा ‘यह एक नई सोच को जन्म देता है सशक्त बनाने की शक्ति . नियंत्रण की शक्ति से आगे , सक्षम बनाने की शक्ति . प्रतिस्पर्धा की शक्ति से आगे, सहयोग की शक्ति. सफल होने की शक्ति से आगे , दूसरों को सफल होने में मदद करने की शक्ति’.
प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि ज्ञान, धन और शक्ति का उपयोग किसी व्यापक उद्देश्य के लिए करने का विचार भारत के लिए नया नहीं है. उन्होंने कहा कि शक्ति का वास्तविक मूल्य इस बात में निहित है कि इसका उपयोग कैसे किया जाता है. उन्होंने कहा ‘यह भारत के लिए नया नहीं है. हमने हमेशा ज्ञान, धन और शक्ति के उपयोग के महत्व पर जोर दिया है. शक्ति का वास्तविक मूल्य उसके उद्देश्य में निहित है’.
‘शक्ति का असली महत्व उसके मकसद में होता है’
पीएम मोदी ने कहा कि जिसके पास भी ज्ञान, धन और शक्ति है, वह उसका इस्तेमाल कैसे करता है, यह बहुत जरूरी है. उन्होंने कहा कि शक्ति का असली महत्व उसके मकसद में होता है, और आज के समय में इस सोच को समझना बहुत जरूरी है. उन्होंने कहा कि हमारी हजारों साल पुरानी परंपरा ने हमें यही सिखाया है और भारत में हमने अपनी शासन व्यवस्था और काम करने के तरीके में इसे करके दिखाया है.
ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम का आठवें संस्करण
भारत में आयोजित ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम के आठवें संस्करण में दुनिया भर के 500 से ज़्यादा प्रभावशाली सरकारी और निजी क्षेत्र के नेता शामिल हुए. ‘A World in Play: Defining the New Levers of Power’ थीम के तहत, प्रतिनिधि भूराजनीति की बदलती स्थिति का विश्लेषण करेंगे, अनिश्चितता के इस दौर में मौजूद जोखिमों और अवसरों की पहचान करेंगे, विचारों का आदानप्रदान करेंगे और भविष्य की समृद्धि के लिए एक रोडमैप पर मिलकर काम करेंगे.
फोरम के बारे में बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा ‘आज भारत अपनी यात्रा के एक अहम मोड़ पर खड़ा है. भारत अब सिर्फ़ निवेश का केंद्र नहीं है, यह वैश्विक भविष्य को आकार देने में एक विश्वसनीय भागीदार है. विकसित भारत के अपने लक्ष्य की ओर अग्रसर होकर हम विश्व के सबसे विश्वसनीय विकास इंजनों में से एक और एक संतुलित विश्व आर्थिक व्यवस्था का निर्माण करने के लिए प्रयासरत हैं. इसी संदर्भ में यह जानकर प्रसन्नता हो रही है कि ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम अक्टूबर 2026 में नई दिल्ली में आयोजित होने जा रहा है. इस फोरम में भाग लेने वालों को एक ऐसे राष्ट्र की ऊर्जा का अनुभव करने का अवसर मिलेगा जो न केवल नई अर्थव्यवस्था में भाग ले रहा है, बल्कि सक्रिय रूप से इसे परिभाषित भी कर रहा है.



