मध्यप्रदेश की लाडली बहना योजना को लेकर केंद्रीय मंत्री और सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बड़ा बयान दिया है. रायसेन जिले के भोजपुर विधानसभा क्षेत्र के बिनेका में आयोजित कार्यक्रम में शिवराज ने कहा कि उन्होंने बहनों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए यह योजना शुरू की थी. उनके मुताबिक, मध्यप्रदेश में योजना शुरू होने के बाद कई अन्य राज्यों ने भी इसी तरह की योजनाएं लागू कीं. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी इस योजना को जारी रखा है और दूसरे राज्यों को भी इसे जारी रखना पड़ेगा, क्योंकि सभी जानते हैं कि बहनें नाराज हो गईं तो फिर खैर नहीं.

कार्यक्रम के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने लाडली बहना योजना शुरू करने के पीछे की सोच भी बताई. उन्होंने कहा, ‘मैंने लाडली बहना योजना बनाई. मैंने सोचा कि बहनों को सशक्त करने के लिए उनके हाथ में पैसा देना बेहद जरूरी है’.

कई राज्यों ने योजना को अपनाया

उन्होंने दावा किया कि मध्यप्रदेश में इस योजना की शुरुआत के बाद ऐसा प्रभाव पड़ा कि कई राज्यों ने भी इसे अपनाया. इस दौरान शिवराज ने मंच से मौजूद महिलाओं से सवाल किया ‘बताओ बहनों, मैंने यह योजना अच्छी बनाई या नहीं?’. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। उनके इस सवाल पर कार्यक्रम में मौजूद महिलाओं का ध्यान योजना और उसके लाभ की ओर रहा.

चर्चा में मुख्यमंत्री मोहन यादव का बयान

शिवराज का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब मुख्यमंत्री मोहन यादव के एक कार्यक्रम में लाडली बहना योजना के महंगा पड़ने संबंधी टिप्पणी को लेकर चर्चा हो रही है. ऐसे में शिवराज का योजना को जारी रखने और दूसरे राज्यों में भी इसे जारी रखने की जरूरत पर जोर देना महत्वपूर्ण माना जा रहा है. हालांकि, योजना के वित्तीय भार को लेकर मुख्यमंत्री की टिप्पणी का पूरा संदर्भ सामने होना जरूरी है.

लाडली बहनों को कब से मिलेंगे 3000 रुपए ?

केंद्रीय मंत्री ने महिलाओं को मिलने वाली सहायता राशि को लेकर भी कहा कि बहनों को अभी इस योजना के तहत 3000 रुपये भी मिलने हैं और धीरेधीरे यह राशि बढ़ेगी. उनके इस बयान से योजना की भविष्य की राशि को लेकर एक बार फिर चर्चा शुरू हो गई है. फिलहाल, बहनों को 3000 रुपये कब से मिलेंगे, इसे लेकर किसी निश्चित समयसीमा की घोषणा सामने नहीं आई है.