मंडी। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में एक परिवार के लिए शारदीय नवरात्र का पहला दिन जिंदगी भर की याद बन गया। वर्षों के लंबे इंतजार के बाद जब घर में नन्हीं परी ने कदम रखा, तो परिवार की खुशियां सातवें आसमान पर पहुंच गईं। जिस आंगन में लंबे समय से बच्चे की किलकारी सुनने का इंतजार था, वहां बेटी के आगमन से उत्सव जैसा माहौल बन गया। परिवार ने अपनी लाडली का स्वागत ऐसे अंदाज में किया कि यह खुशी पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई।

 

यह खास पल धनोटू विकास खंड की अपर बैहली पंचायत में देखने को मिला। ललित चौहान उर्फ लवली और उनकी पत्नी सिमरन के घर बेटी का जन्म होने के बाद परिजनों ने उसकी घर वापसी को यादगार बनाने के लिए खास तैयारियां कीं। परिवार माता संतोषी का भक्त है और नवरात्र के पहले दिन बेटी का आगमन उनके लिए किसी अनमोल उपहार से कम नहीं है। परिजन इस खुशी को मां दुर्गा के आशीर्वाद से जोड़कर देख रहे हैं।

 

फूलों से सजी गाड़ी, ढोल-नगाड़ों के साथ घर पहुंची लाडली

नन्हीं परी का जन्म नौ अक्तूबर को गुटकर स्थित मांडव अस्पताल में हुआ। अस्पताल से बेटी को घर लाने के लिए परिवार ने खास इंतजाम किए थे। लाडली को घर लाने के लिए थार सहित अन्य गाड़ियों को फूलों और रंग-बिरंगे गुब्बारों से सजाया गया। गाड़ियों का यह काफिला जब ढोल-नगाड़ों और खुशियों के बीच घर पहुंचा, तो माहौल उत्सव में बदल गया।

 

 

बेटी की पहली झलक पाने के लिए परिवार के सदस्य बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। जैसे ही नन्हीं परी घर पहुंची, परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। किसी की आंखों में खुशी के आंसू थे, तो कोई लाडली को गोद में लेने के लिए उत्साहित नजर आया। घर में हुए इस अनूठे स्वागत ने हर किसी का ध्यान खींचा।

पारंपरिक रीति-रिवाजों से हुआ स्वागत

परिवार ने अपनी नन्हीं परी के स्वागत में परंपराओं का भी पूरा ध्यान रखा। घर के मुख्य द्वार पर पारंपरिक रीति-रिवाज निभाए गए और कलश से जुड़े मांगलिक अनुष्ठान के साथ लाडली का स्वागत किया गया। इसके बाद फूलों और रंगोली से सजे रास्ते से होते हुए उसे उसके लिए तैयार किए गए सुंदर कमरे तक पहुंचाया गया। बेटी के स्वागत के लिए घर को विशेष रूप से सजाया गया था। हर ओर उत्साह और उल्लास का माहौल था। परिवार के लिए यह सिर्फ एक बच्ची की घर वापसी नहीं, बल्कि लंबे इंतजार के बाद जीवन में आई नई खुशियों का उत्सव था।

 

बड़े परिवार में लंबे समय बाद गूंजी किलकारी

बताया जा रहा है कि चाचा और ताया समेत छह भाइयों वाले बड़े परिवार में लंबे अरसे बाद बच्चे की किलकारी गूंजी है। ऐसे में बेटी का आगमन पूरे परिवार के लिए बेहद खास बन गया। दादा कमल किशन, दादी हेमलता, नाना नरेंद्र कुमार और नानी सोनू की खुशी देखते ही बन रही थी। परिवार के सदस्य नन्हीं परी को प्यार और दुलार देने में जुटे हैं। घर में मिलने-जुलने वालों का आना-जाना लगा हुआ है और रिश्तेदार भी इस खुशी में शामिल होकर बच्ची के उज्ज्वल भविष्य की कामना कर रहे हैं।

 

माता संतोषी के भक्त परिवार के लिए खास बना नवरात्र का पहला दिन

ललित चौहान और सिमरन के परिवार की माता संतोषी में गहरी आस्था है। ऐसे में शारदीय नवरात्र के पहले दिन बेटी का घर आना उनके लिए और भी भावुक कर देने वाला पल बन गया। परिजन इसे मां का आशीर्वाद मानते हुए अपनी लाडली के सुखद और उज्ज्वल भविष्य की प्रार्थना कर रहे हैं।

 

नवरात्र के दौरान जहां मंदिरों में मां दुर्गा की पूजा-अर्चना हो रही है, वहीं मंडी के इस परिवार के घर बेटी के आगमन ने खुशियों का अलग ही रंग भर दिया। फूलों से सजी गाड़ियां, पारंपरिक स्वागत और अपनों के चेहरों पर खिली मुस्कान इस बात की गवाह बनी कि लंबे इंतजार के बाद आई एक नन्हीं जान पूरे परिवार की दुनिया रोशन कर सकती है।