Gopalganj SVU Raid: बिहार के गोपालगंज से एक बड़ी खबर आई है. यहां जिले की अपर जिला दंडाधिकारी यानी ADM राजेश्वरी पाण्डेय के खिलाफ विशेष निगरानी इकाई ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में बड़ी कार्रवाई की है.पटना से पहुंची SVU की टीम ने गोपालगंज और रोहतास में उनके चार ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की. जांच एजेंसी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इस कार्रवाई की जानकारी दी.

1 लाख 10 हजार रुपये की सैलरी पाने वाली एडीएम के ठिकानों पर SVU की टीम को तलाशी के दौरान करीब 3 करोड़ 12 लाख रुपये की संपत्ति से जुड़े दस्तावेज, बैंक में जमा रकम, जमीन के कागजात, जऔर करीब 32 लाख रुपये मूल्य के सोनेचांदी के आभूषण मिले हैं. शुरुआती जांच में आय से अधिक संपत्ति का मामला सामने आने के बाद प्राथमिकी दर्ज की गई थी. वहीं, देर रात तक चली तलाशी के बाद अब बरामद दस्तावेजों की जांच की जा रही है.
वैध आय से लगभग 135 फीसदी अधिक संपत्ति
विशेष निगरानी इकाई की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, प्रारंभिक जांच में राजेश्वरी पाण्डेय की संपत्ति उनके ज्ञात वैध आय स्रोतों से अधिक पाई गई. जांच एजेंसी का दावा है कि शुरुआती सत्यापन में करीब 1 करोड़ 65 लाख 83 हजार 300 रुपये की अनुपातहीन संपत्ति का पता चला है. अधिकारी के पास उनकी आय से 135 प्रतिशत अधिक संपत्ति है.
इसी आधार पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू की गई. हालांकि, ये जांच एजेंसी के शुरुआती निष्कर्ष हैं. मामले में अंतिम स्थिति जांच पूरी होने और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी. तलाशी के दौरान राजेश्वरी पाण्डेय, उनकी पत्नी और पुत्र के नाम पर कुल 12 अचल संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज सामने आए हैं. इनमें पटना और रोहतास के पैतृक गांव समेत विभिन्न स्थानों पर खरीदे गए प्लॉट और फ्लैट शामिल हैं.
बैंकों में जमा पैसे और फिक्स्ड डिपॉजिट से जुड़े दस्तावेज भी मिले
इन संपत्तियों का अनुमानित मूल्य करीब 1 करोड़ 32 लाख रुपये बताया गया है. इसके अलावा, विभिन्न बैंकों में जमा राशि और फिक्स्ड डिपॉजिट से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं. एजेंसी ने कुल 35 बैंक खातों में जमा रकम और फिक्स्ड डिपॉजिट से संबंधित करीब 1 करोड़ 49 लाख 17 हजार 400 रुपये की राशि का उल्लेख किया है.
तलाशी के दौरान करीब 1 लाख 85 हजार रुपये नकद, महंगी वस्तुओं की खरीद से जुड़े वाउचर और बिल भी बरामद किए जाने की जानकारी दी गई है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इसके साथ ही करीब 32 लाख रुपये मूल्य के सोनेचांदी के आभूषण मिलने की बात भी कही गई है. 3 करोड़ से अधिक की संपत्ति से जुड़े साक्ष्य मिले हैं.
म्यूचुअल फंड में भी भारी निवेश के रिकॉर्ड खंगाले जा रहे
विशेष निगरानी इकाई के मुताबिक, तलाशी के दौरान बरामद दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर कुल 3 करोड़ 12 लाख 47 हजार 400 रुपये की संपत्ति से संबंधित जानकारी सामने आई है. दस्तावेजों के मुताबिक, अडाणी पावर, हबटाउन और हिंदुस्तान लीवर जैसी नामचीन कंपनियों के शेयरों के साथसाथ म्यूचुअल फंड में भी भारी निवेश के रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं.
जांच एजेंसी का दावा है कि इस आकलन के आधार पर राजेश्वरी पाण्डेय के पास करीब 2 करोड़ 50 लाख 18 हजार 300 रुपये की अनुपातहीन संपत्ति पाई गई है. यह उनकी ज्ञात आय से लगभग 135.23 प्रतिशत अधिक बताई गई है. गौर करने वाली बात यह है कि शुरुआती जांच और तलाशी के दौरान सामने आए आंकड़ों में अंतर है.
तलाशी पूरी होने के बाद अंतिम निष्कर्ष सामने आएगा
अब जांच एजेंसी बरामद दस्तावेजों, बैंक खातों, जमीन और अन्य संपत्तियों से जुड़े साक्ष्यों का सत्यापन करेगी. राजेश्वरी पाण्डेय के गोपालगंज स्थित आवास और उनके पैतृक गांव समेत कुछ स्थानों पर तलाशी की कार्रवाई जारी थी. जांच एजेंसी ने कहा है कि सभी संबंधित ठिकानों पर तलाशी पूरी होने के बाद अंतिम निष्कर्ष सामने लाया जाएगा.
फिलहाल, इस मामले में बरामद दस्तावेजों और संपत्ति से जुड़े सबूतों की जांच अहम होगी. जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज होना आरोपों की जांच की शुरुआत है, दोष सिद्ध होना नहीं. मामले में राजेश्वरी पाण्डेय का पक्ष उपलब्ध होने पर उसे भी रिपोर्ट में शामिल किया जाना चाहिए.
गोपालगंज की ADM राजेश्वरी पाण्डेय के खिलाफ विशेष निगरानी इकाई की इस कार्रवाई ने प्रशासनिक महकमे में हलचल पैदा कर दी है. अब सबकी नजर जांच एजेंसी की आगे की कार्रवाई और जांच के अंतिम निष्कर्ष पर है.



