: महात्मा गांधी के परपोते तुषार गांधी को मुंबई पुलिस ने शनिवार, 10 अक्टूबर 2026 को हिरासत में ले लिया। तुषार गांधी चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन में शामिल होने के लिए अगस्त क्रांति मैदान जा रहे थे। इसी दौरान पुलिस ने उन्हें नेशनल कॉलेज के पास रोक लिया। वह दिल्ली के जंतरमंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन के समर्थन में मुंबई में विरोध प्रदर्शन करने वाले थे। इस प्रदर्शन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग उठाई जानी थी।

अगस्त क्रांति मैदान जाते समय पुलिस ने रोका
तुषार गांधी ने 10 अक्टूबर को मुंबई में प्रदर्शन करने का ऐलान किया था। इसके लिए अगस्त क्रांति मैदान में दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक प्रदर्शन की अनुमति मांगी गई थी। हालांकि, पुलिस की ओर से अनुमति नहीं दी गई थी। इसके बावजूद तुषार गांधी ने प्रदर्शन करने की बात कही थी। इसी बीच मुंबई पुलिस ने उन्हें नेशनल कॉलेज के पास हिरासत में ले लिया।
दरअसल, कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से शनिवार को दिल्ली के जंतरमंतर पर प्रदर्शन प्रस्तावित था। इस प्रदर्शन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की जानी थी। इसी के समर्थन में मुंबई में भी विरोध प्रदर्शन की तैयारी की गई थी।
शिवाजी पार्क में सुरक्षा बढ़ाई गई
मुंबई में प्रदर्शन की आशंका को देखते हुए पुलिस ने दादर स्थित शिवाजी पार्क और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। पार्क के मुख्य प्रवेश द्वार पर पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया, ताकि प्रदर्शनकारी परिसर में प्रवेश न कर सकें।
इससे पहले 2 अक्टूबर को शिवाजी पार्क में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान तुषार गांधी मंच पर मौजूद थे। पुलिस को आशंका थी कि 10 अक्टूबर को एक बार फिर CJP से जुड़े लोग यहां जुट सकते हैं। इसी के मद्देनजर एहतियाती कदम उठाए गए। पुलिस के मुताबिक, मुंबई में प्रदर्शन के लिए आजाद मैदान निर्धारित है, लेकिन वहां CJP के प्रदर्शन को लेकर कोई आवेदन प्राप्त नहीं हुआ था।
तुषार गांधी ने पुलिस पर लगाया था दबाव बनाने का आरोप
तुषार गांधी ने प्रदर्शन से पहले आरोप लगाया था कि मुंबई पुलिस उन्हें और उनके साथियों को फोन करके अगस्त क्रांति मैदान में होने वाला विरोध प्रदर्शन रद्द करने के लिए कह रही थी। उन्होंने प्रदर्शन से पीछे हटने से इनकार किया था। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। उनका कहना था कि भारतीय लोकतंत्र की रक्षा के लिए वह 10 अक्टूबर को दोपहर 3:30 बजे प्रदर्शन करेंगे, भले ही इसके लिए उन्हें हिरासत में लिया जाए।
तुषार गांधी ने सविनय अवज्ञा और सत्याग्रह के सिद्धांतों का उल्लेख करते हुए मुंबई के लोगों से भी प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की थी। उन्होंने ‘ज्ञानू, शाह, मोदी चले जाओ!’ का नारा दिया था।
हिरासत के बाद आगे की कार्रवाई पर नजर
तुषार गांधी को हिरासत में लिए जाने की कार्रवाई ऐसे समय हुई, जब दिल्ली में CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर भी सुरक्षा और पुलिस की कार्रवाई चर्चा में थी। मुंबई में प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने और तुषार गांधी को रास्ते में रोके जाने से विरोध प्रदर्शन की तैयारियों पर असर पड़ा।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी के मुताबिक तुषार गांधी को हिरासत में लिए जाने के बाद पुलिस की आगे की कार्रवाई, उन्हें कहां ले जाया गया और उन्हें कब छोड़ा जाएगा, इसकी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। इस मामले में पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया और आगे के घटनाक्रम का इंतजार है।



