Nagpur Danapur Secunderabad Express Train Harassment: दानापुरसिकंदराबाद एक्सप्रेस में सवार होकर काशी से नागपुर लौट रहीं महिलाओं और उनके परिजनों को रेल यात्रा के दौरान बेहद शर्मनाक और झकझोर देने वाले अनुभव का सामना करना पड़ा। क्षमता से कहीं अधिक भरे कोच में महिलाओं के साथ कथित तौर पर छेड़छाड़ की गई और असामाजिक तत्वों ने आरक्षित डिब्बे में जमकर हंगामा किया।

महिलाएं आखिर सुरक्षित कहां? काशी-नागपुर ट्रेन में बदसलूकी से यात्रिय आक्रोशीत, सुरक्षा के दावों की खुली पोल​
महिलाएं आखिर सुरक्षित कहां? काशी-नागपुर ट्रेन में बदसलूकी से यात्रिय आक्रोशीत, सुरक्षा के दावों की खुली पोल​

पूरी घटना और यात्रा के दौरान सुरक्षा को लेकर रेलवे द्वारा कोई कार्रवाई न किये जाने पर सभी ने नैनी स्टेशन पर ट्रेन से उतरकर पटरी पर आंदोलन किया। अपने साथ हुए मानसिक उत्पीड़न को बताते हुए नागपुर पहुंचने पर कई पीड़ित महिलाएं भावुक होकर रो पड़ीं।

शिकायत पर एक्शन नहीं तो करना पड़ा आंदोलन

यात्रियों ने यात्रा के दौरान ही रेलवे की आधिकारिक हेल्पलाइन 139 पर फोन कर शिकायत दर्ज कराई। इसके अलावा रेलवे के एक्स यानी ट्विटर अकाउंट पर भी ऑनलाइन शिकायत भेजी गई। पीड़ितों का आरोप है कि शिकायत के बावजूद रेलवे प्रशासन की ओर से कोई त्वरित कार्रवाई नहीं की गई। लगातार हो रही छेड़छाड़ और अभद्रता से परेशान महिलाओं का धैर्य जवाब दे गया।

72 यात्रियों के डिब्बे में घुसे 400 से अधिक लोग

  • पीड़ित यात्रियों के अनुसार, उन्होंने करीब 2 महीने पहले ही ट्रेन में आरक्षण कराया था लेकिन पर ट्रेन पहुंचते ही भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
  • 72 यात्रियों की क्षमता वाले आरक्षित डिब्बे में जबरन 400 से अधिक लोग घुस गए। हालात इतने खराब थे कि आरक्षित यात्रियों के लिए अपने ही डिब्बे में प्रवेश करना मुश्किल हो गया।
  • यात्रियों का आरोप है कि ट्रेन में चढ़ने के दौरान भीड़ का फायदा उठाकर कुछ उपद्रवियों ने महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार किया और उनके शरीर को अनुचित तरीके से छूकर छेड़‌छाड़ की।
  • डिब्बे में प्रवेश करने के बाद भी महिलाओं को लगातार अश्लील टिप्पणियों और अभद्र हरकतों का सामना करना पड़ा।
    जब कुछ पुरुष यात्रियों ने इसका विरोध किया तो उपद्रवियों ने उनके साथ धक्कामुक्की और मारपीट करने का भी प्रयास किया।

नागपुर में भी नहीं मिली राहत

किसी तरह नागपुर पहुंचने के बाद पीड़ित यात्रियों ने यहां भी शिकायत दर्ज कराने का प्रयास किया। उनका आरोप है कि उन्हें यह कहकर लौटा दिया गया कि शिकायत उत्तर प्रदेश में दर्ज कराएं, इस घटना ने रेल यात्रा की सुरक्षाव्यवस्था और यात्रियों, विशेषकर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यात्रियों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और को मजबूत करने की मांग की है।