मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष रुकने के मूड में नहीं है. कल दिनभर धरने के बाद आज इंडिया ब्लॉक के सांसद लंच के बहाने दिल्ली में जमा हुए. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कई दलों के सांसदों ने सागर रत्ना रेस्टोरेंट में लंच किया. इसके बाद सभी सांसद बसों में भरकर वहां से रवाना हो गए. राहुल गांधी ने जंतरमंतर पर धरना देने का ऐलान किया. राहुल ने फिर दोहराया कि ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना ही पड़ेगा.

राहुल गांधी ने कहा, ‘कल हम EC से मिलना चाहते थे. वो हमसे नहीं मिले. दिल्ली पुलिस ने हमें रोका’. उन्होंने पीएम मोदी, अमित शाह और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत पर भी हमला बोला और कहा कि उन्होंने लोकतंत्र को खत्म किया. साथ ही राहुल ने सीईसी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना पड़ेगा. राहुल गांधी ने कहा, ‘मेरा लक्ष्य 100 FIR का है, सभी FIR मेरे लिए मेडल हैं’.

खरगे ने कहा हम डरने वाले नहीं

वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी कहा, ‘हम डरने वाले नहीं हैं. EC के खिलाफ हम प्रदर्शन करते रहेंगे. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। अपनी बात पूरे देश में पहुंचाएंगे. लोकतंत्र को खत्म करने की कोशिश हो रही है’.

पवन खेड़ा बोले FIR सम्मान का प्रतीक

कांग्रेस अध्यक्ष की ओर से आयोजित लंच में पहुंचने के बाद कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा, ‘आज लंच के मेन्यू में भोजन है, आंदोलन नहीं.’ जब खेड़ा से राहुल और प्रियंका के खिलाफ हुई FIR को लेकर पूछा गया तो उन्होंने कहा कि हम FIR से डरते नहीं हैं, यह सम्मान का प्रतीक है. हम दस्तावेज पर हस्ताक्षर करेंगे, चुनाव आयोग सभी के हस्ताक्षर चाहता है, वे बड़े लोग हैं, वे हमारे साथ औपचारिक हो गए हैं. ये सांसद 64 फीसदी लोगों के प्रतिनिधि हैं.

राहुल गांधी ने की थी विरोध प्रदर्शन की अगुवाई

दरअसल, दिल्ली पुलिस ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के खिलाफ आकाशवाणी भवन में जबरन घुसने और बिना अनुमति के धरना देने के आरोप में FIR दर्ज की है. बीते दिन विपक्षी सांसदों के चुनाव आयोग के दफ्तर की ओर मार्च करने की कोशिश के कारण पार्लियामेंट स्ट्रीट को पूरी तरह बंद कर दिया गया था.

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने विरोध प्रदर्शन की अगुवाई की. जब पुलिस ने सांसदों को चुनाव आयोग की ओर जाने से रोका, तो उन्होंने बाद में आकाशवाणी भवन के बाहर धरना दिया. दोपहर के आसपास शुरू हुआ यह धरना आठ घंटे से ज्यादा समय तक चला और रात 8 बजे के बाद खत्म हुआ. इस दौरान पुलिस ने गांधी और दूसरे प्रदर्शनकारियों को जबरदस्ती हटाया और हिरासत में ले लिया. हिरासत में लिए गए लोगों में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, कांग्रेस नेता के.सी. वेणुगोपाल, टीएमसी के डेरेक ओ’ब्रायन और विपक्ष के दूसरे सांसद शामिल थे.

हिरासत में लिए गए थे 250 लोग दिल्ली पुलिस

दिल्ली पुलिस का कहना है कि विरोध प्रदर्शन के दौरान करीब 250 लोगों को हिरासत में लिया गया. हिरासत में लिए गए ज्यादातर नेताओं को कुछ देर बाद ही छोड़ दिया गया, जबकि गांधी और दूसरे सांसदों को करीब दो घंटे हिरासत में रखने के बाद रात 10 बजे के बाद रिहा किया गया. विरोध प्रदर्शन मंगलवार सुबह करीब 11 बजे शुरू हुआ, जब विपक्षी सांसदों ने भारी पुलिस बैरिकेडिंग के बीच संसद भवन से चुनाव आयोग की ओर मार्च किया. बाद में गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और कांग्रेस के कई सांसद चुनाव आयोग के दफ्तर से करीब 200 मीटर दूर आकाशवाणी भवन परिसर में पहुंचे और चुनाव आयुक्तों से मिलने की इजाजत मांगी.