
उम्र बढ़ने के साथ शरीर की ताकत कम होना सामान्य है। इस दौरान मसल्स लॉस, कमजोर हड्डिया और मेटाबॉलिज्म धीमा होने के कारण मोटापा बढ़ने लगता है और शरीर में कमजोरी बढ़ने लगती है। ऐसे में अपनी ताकत और मांसपेशियों को मजबूत बनाए रखने के लिए लोग कई तरीके आज़माते हैं। अच्छी और हेल्दी डाइट, एक्सरसाइज़ और कुछ सप्लीमेंट्स की मदद से इस प्रक्रिया को धीमा किया जा सकता है। मैरीलैंड स्थित एनेस्थिसियोलॉजी और इंटरवेंशनल पेन मेडिसिन डॉक्टर कुणाल सूद ने इंस्टाग्राम पर ऐसे 5 सप्लीमेंट्स के बारे में बताया, जिन्हें उम्र बढ़ने के साथ शरीर की ताकत बनाए रखने में मददगार माना जाता है
इन सप्लीमेंट्स को डाइट में करें शामिल
- क्रिएटिन: क्रिएटिन हाई इंटेंसिटी वाली एक्सरसाइज़ के दौरान एडेनोसिन ट्राइफॉस्फेट को फिर से बनाने में मदद करता है, जिससे समय के साथ ट्रेनिंग की क्वालिटी बेहतर होती है। रेजिस्टेंस ट्रेनिंग के क्रिएटिन को लेने से बुज़ुर्गों में, मांसपेशियों के लीन मास और ताकत में सुधार देखा गया है।
विटामिन D: विटामिन D हड्डियों की सेहत और मांसपेशियों के काम करने की क्षमता को बेहतर बनाता है। इसकी कमी को पूरा करने से ताकत और काम करने की क्षमता में सुधार हो सकता है, लेकिन जिन लोगों में पहले से ही विटामिन D का स्तर सही है, उनमें ज़्यादा विटामिन D लेने से ताकत में बढ़ोतरी नहीं देखी गई है
ओमेगा-3: ओमेगा-3 फैटी एसिड, सूजन और मांसपेशियों में प्रोटीन बनने की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकते हैं। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। हालांकि, कुछ स्टडीज़ में ओमेगा-3 से मांसपेशियों की ताकत में मामूली सुधार देखा गया है, लेकिन इसके फायदे को लेकर सभी अध्ययनों के नतीजे एक जैसे नहीं हैं।
मैग्नीशियम: मैग्नीशियम शरीर में नर्व सिग्नलिंग और मांसपेशियों के लिए जरूरी है। अगर शरीर में मैग्नीशियम की कमी है, तो इसे पूरा करने से शारीरिक क्षमता में सुधार हो सकता है। लेकिन जिन लोगों में इसका स्तर पहले से सामान्य है, उनमें अतिरिक्त मैग्नीशियम से ताकत बढ़ने के सबूत सीमित हैं।
प्रोटीन पाउडर: प्रोटीन पाउडर प्रोटीन की ज़रूरतों को पूरा करने का एक आसान तरीका है। जब इसे रेजिस्टेंस ट्रेनिंग के साथ लिया जाता है, तो पर्याप्त प्रोटीन लीन मास और ताकत को ज़्यादा बढ़ाने में मदद करता है, खासकर उन बुज़ुर्गों में जो अपनी प्रोटीन की ज़रूरतें पूरी नहीं कर पा रहे हैं



