वैशाली में गरीबी और प्रशासनिक लापरवाही की एक दर्दनाक तस्वीर सामने आई है. यहां चांदनी देवी के परिजनों ने आर्थिक तंगी और सरकारी सहायता न मिलने के कारण उसके शव को दफना दिया.

पति ने पत्नी को कुल्हाड़ी से काटा… अंतिम संसकार के लिए नहीं जुटे पैसे, जमीन में दफनाया

Bihar News: गरीबी की इंतहा और सरकारी व्यवस्था की बेबसी का इससे बड़ा उदाहरण क्या होगा कि जिस विवाहिता का अंतिम संस्कार हिंदू रीति रिवाज से होना था, उसके शव को आर्थिक मदद न मिलने के कारण जमीन में दफनाना पड़ा. बिहार के वैशाली जिले के भगवानपुर थाना क्षेत्र के हरिवंशपुर बांथू गांव में एक विवाहिता चांदनी देवी के शव को परिजनों ने दाह-संस्कार के बजाय जमीन में दफना दिया.

परिजनों का कहना है कि उनके पास अंतिम संस्कार के लिए पैसे नहीं थे. प्रशासन से भी मदद नहीं मिली. वहीं, पंचायत स्तर से भी तत्काल सहायता नहीं मिलने का आरोप है. परिजनों के अनुसार, मृतिका चांदनी देवी खुद मजदूरी कर परिवार का खर्च चलाती थी. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। उसके पति दिलीप मांझी पर आरोप है कि उसने देर रात धारदार हथियार से पत्नी चांदनी देवी की हत्या कर दी.

ग्रामीण जुटे तो आरोपी फरार हो गया

इसके बाद घर के बाहर सो रही चाची धनवंती देवी पर भी हमला किया, जिसमें वह भी गंभीर रूप से घायल हो गईं. परिजन उनको इलाज के अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टर ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए पटना पीएमसीएच रेफर कर दिया. आरोपी के ऊपर पिता पर भी हमला करने की कोशिश का आरोप है. शोर सुनकर ग्रामीण जुटे तो आरोपी फरार हो गया.

गरीब परिवार के सदस्य की मृत्यु पर अंतिम संस्कार के लिए कबीर अंत्येष्टि अनुदान योजना के तहत 3,000 रुपये की सहायता का प्रावधान है. पंचायत स्तर पर तत्काल भुगतान की व्यवस्था होने का दावा किया जाता है, ताकि आर्थिक तंगी के कारण अंतिम संस्कार न रुके, लेकिन मृतिका चांदनी देवी के परिवार का कहना है कि उन्हें यह राशि नहीं मिली.

मृतका के ससुर बोले-किसी ने आर्थिक मदद नहीं की

मृतका के ससुर शेखर मांझी ने कहा कि परिवार में कमाने वाला कोई नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि वार्ड पार्षद, मुखिया समेत कई लोगों को मामले की जानकारी थी. मुखिया से बात भी हुई, लेकिन अंतिम संस्कार के लिए किसी ने आर्थिक मदद नहीं की अंतत: मजबूरी में शव को जमीन में दफनाना पड़ा. परिवार के तीन बच्चे अब नानी के पास बताए जा रहे हैं.

हत्या के बाद बच्चों के सिर से मां का साया भी उठ गया और परिवार अंतिम संस्कार की व्यवस्था तक नहीं कर सका.मृतिका की परिजन सुनीता कुमारी ने कहा कि चांदनी देवी दूसरे के खेत में काम करके घर चलाती थी. पत्नी के साथ मारपीट करता था. हम गरीब हैं. दाह-संस्कार के लिए पैसा नहीं था. प्रशासन से भी मदद नहीं मिली.

भगवानपुर प्रखंड विकास पदाधिकारी ने क्या कहा?

भगवानपुर प्रखंड विकास पदाधिकारी रत्नेश रवि ने कहा कि कबीर अंत्येष्टि अनुदान योजना के तहत गरीब परिवार में किसी सदस्य की मृत्यु होने पर अंतिम संस्कार के लिए 3,000 की सहायता राशि देने का प्रावधान है. ऐसी स्थिति में संबंधित पंचायत स्तर से पात्र परिवार को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराई जानी चाहिए. यदि परिवार को राशि नहीं मिली है तो गंभीर बात है.