: में सेक्सुअल हैरेसमेंट के आरोपों का सामना कर रहे दिल्ली पुलिस के ACP विवेक भगत का अतिरिक्त DCP का प्रभार वापस ले लिया गया है। दिल्ली सरकार ने रविवार देर रात संशोधित आदेश जारी कर उन्हें 12 अधिकारियों की लिस्ट से हटा दिया। अब इस लिस्ट में 11 अधिकारी ही रहेंगे।

Government of NCT of Delhi order dated October 5, 2026, wherein current duty charge of the post of Additional Deputy Commissioner of Police has been assigned to 12 officers of DANIPS is being modified in respect of Shri Vivek Bhagat, ACP.
The proposal to confer additional duty…

— Delhi Government October 5, 2026

3 महिला पत्रकारों ने लगाए आरोप

फिलहाल कनॉट प्लेस में SDPO के पद पर तैनात हैं। उन पर शनिवार को जंतरमंतर पर हुए एक प्रदर्शन के दौरान 3 महिला पत्रकारों के साथ कथित बदसलूकी और उत्पीड़न का आरोप लगा है। ये प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ किया गया था।

क्राइम ब्रांच करेगी जांच

मामले की गंभीरता को देखते हुए महिला पत्रकारों की शिकायतें निष्पक्ष जांच के लिए क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई हैं। मामले में जांच जारी है और अभी अंतिम फैसला सामने नहीं आया है।

ACP विवेक भगत ने खुद किया था अनुरोध

दिल्ली सरकार के आधिकारिक X हैंडल के मुताबिक, विवेक भगत ने खुद अनुरोध किया था कि जब तक मामले की जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक उन्हें अतिरिक्त प्रभार न दिया जाए। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इसके बाद सरकार ने संशोधित आदेश जारी कर उनका नाम लिस्ट से हटा दिया।

रेगुलर प्रमोशन नहीं था

दिल्ली सरकार और अधिकारियों ने साफ किया है कि अतिरिक्त DCP का ये प्रभार सिर्फ एक अस्थायी प्रशासनिक व्यवस्था थी। इसे ‘करंट ड्यूटी चार्ज’ कहा जाता है। इसमें कोई वित्तीय फायदा या नियमित प्रमोशन नहीं मिलता और इसके तहत अतिरिक्त DCP के सभी वैधानिक अधिकार भी नहीं मिलते।

पहले लिस्ट में थे 12 अधिकारी

5 अक्टूबर को जारी आदेश में 12 अधिकारियों के नाम थे। इनमें डॉ. विकास शेओकेन्द, ए. वेंकटेश, गुरसेवक सिंह, रेनू लता, विदुषी कौशिक, मनु हिमांशु, साकरिया मिहिर प्रवीनभाई, गरिमा तिवारी, विवेक भगत, आशीष कुमार, मनीष लाडला और रोहित गुप्ता शामिल थे। संशोधित आदेश में सिर्फ का नाम हटाया गया है।

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FIR की मांग को लेकर प्रदर्शन

महिला पत्रकारों के आरोपों के बाद कई फ्रीलांस जर्नलिस्ट और संगठनों ने संसद मार्ग थाने के बाहर प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारियों ने आरोपी अधिकारी के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की थी।