Ram Mandir Trust Meeting: अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की आज सोमवार 7 जुलाई को एक महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। यह बैठक ऐसे समय में हो रही है, जब राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी हेराफेरी के मामले की जांच जारी है। दोपहर 3 बजे ट्रस्ट के अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास के मठ मणिराम छावनी में बैठक आयोजित होगी। बैठक का सबसे बड़ा एजेंडा ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफों पर फैसला लेना होगा। दान चोरी के मामले में नाम सामने आने के बाद दोनों ने अपने पदों से इस्तीफा सौंप दिया था। यदि ट्रस्ट उनके इस्तीफे स्वीकार करता है, तो नए प्रशासनिक ढांचे और जिम्मेदारियों के बंटवारे पर भी चर्चा की जाएगी।

चंपत राय और अनिल मिश्र की होगी छुट्टी? 

राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की आज होने वाली बैठक में महासचिव चंपत राय और ट्रस्ट सदस्य डॉ. अनिल कुमार मिश्रा के इस्तीफों पर अहम फैसला लिया जा सकता है। दोपहर 3 बजे श्रीरामजन्मभूमि परिसर स्थित यात्री सुविधा केंद्र में आयोजित होने वाली इस बैठक में ट्रस्ट के अधिकांश सदस्यों के शामिल होने की संभावना है।

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में CBI जांच की मांग खारिज

राम जन्मभूमि मंदिर ट्रस्ट में चढ़ावा चोरी मामले की CBI जांच कराने की मांग को लेकर दाखिल याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने सुनवाई के बाद उसे खारिज कर दिया। याचिकाकर्ता मोहित अशोक ने अदालत से मांग की थी कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए CBI को जांच सौंपी जाए। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता विनोद शाही और मुख्य स्थायी अधिवक्ता शैलेंद्र सिंह ने अदालत को बताया कि इसी मुद्दे से जुड़ी एक याचिका पहले से सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। ऐसे में इस मामले में हाईकोर्ट के हस्तक्षेप का औचित्य नहीं बनता।  

राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक से पहले अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास का बयान

अयोध्या में राम मंदिर ट्रस्ट की अहम बैठक से पहले ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास ने एक पत्र जारी कर चढ़ावा चोरी के मामले पर दुख जताया है। उन्होंने कहा कि इस घटना में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और सभी के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।अपने पत्र में महंत नृत्य गोपाल दास ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर पूरा भरोसा जताते हुए लिखा कि उन्हें विश्वास है कि दोषियों को जल्द से जल्द कड़ी सजा मिलेगी।

 उन्होंने कहा कि राम मंदिर करोड़ों हिंदुओं की आस्था का केंद्र है और इस तरह की घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। जो भी लोग इस कृत्य में शामिल पाए जाएंगे, उन्हें कानून के अनुसार कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। महंत नृत्य गोपाल दास ने यह भी कहा कि इस पूरे प्रकरण पर अनावश्यक राजनीति करना उचित नहीं है। उन्होंने सभी से अपील की कि मामले की निष्पक्ष जांच होने दें और दोषियों के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई होने का इंतजार करें। 

सभी 14 ट्रस्टियों को भेजा गया निमंत्रण

ट्रस्ट के विशेष आमंत्रित सदस्य गोपाल राव ने बताया कि बैठक में शामिल होने के लिए सभी 14 ट्रस्टियों को निमंत्रण भेजा गया है और उम्मीद है कि सभी सदस्य इसमें शामिल होंगे।

बैठक में ये बड़े सदस्य रह सकते हैं मौजूद

बैठक में पदेन सदस्यों के रूप में केंद्रीय गृह मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव प्रशांत लोखंडे, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव संजय प्रसाद, अयोध्या के जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी और प्रधानमंत्री के पूर्व प्रधान सचिव नृपेंद्र मिश्रा शामिल हो सकते हैं। वहीं, वरिष्ठ ट्रस्टी के. परासरन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक से जुड़ सकते हैं।

SIT जांच और वित्तीय रिपोर्ट पर भी होगी चर्चा

सूत्रों के मुताबिक, बैठक में चढ़ावे से जुड़ी कथित हेराफेरी की जांच कर रही एसआईटी की शुरुआती रिपोर्ट पर भी चर्चा हो सकती है। इसके अलावा राम मंदिर ट्रस्ट के भविष्य के प्रबंधन, प्रशासनिक व्यवस्था और 202526 वित्तीय वर्ष की बिना ऑडिट वाली आयव्यय रिपोर्ट, बैलेंस शीट और अन्य वित्तीय दस्तावेजों को मंजूरी के लिए रखा जाएगा।

नए CEO की नियुक्ति पर भी बन सकती है सहमति

बैठक में राम मंदिर के प्रबंधन को और मजबूत बनाने के लिए मुख्य कार्यकारी अधिकारी की नियुक्ति के प्रस्ताव पर भी विचार किया जाएगा। ट्रस्ट में फिलहाल 11 नियमित सदस्य हैं। चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे तथा बिमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्रा के निधन के बाद ट्रस्ट में उपाध्यक्ष का पद भी खाली है।

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जांच जारी, लेकिन किसी पर FIR नहीं

दान हेराफेरी के कथित मामले में फिलहाल एसआईटी और पुलिस समानांतर जांच कर रही हैं। जांच के दौरान चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा और विशेष आमंत्रित सदस्य गोपाल राव के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। हालांकि, अब तक इस मामले में किसी भी ट्रस्ट सदस्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। आज की यह बैठक न सिर्फ ट्रस्ट के प्रशासनिक भविष्य, बल्कि राम मंदिर के प्रबंधन और पारदर्शिता को लेकर भी काफी अहम मानी जा रही है। 

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