UP Cabinet Decisions CM Yogi Adityanath: आज 6 जुलाई को हुई यूपी कैबिनेट में योगी सरकार ने 28 में से 27 प्रस्तावों को मंजूदी दी। जबकि प्रस्ताव संख्या 15 को फिलहाल स्थगित कर दिया गया। बैठक में स्टार्टअप मिशन डारेक्ट्रेट की स्थापना को मंजूदी दे दी गई है। इसकी जानकारी कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा ने दी। उन्होंने बताया कि प्रस्ताव संख्या 6 और 7 सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग से जुड़े थे। इन प्रस्तावों को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है।

स्टार्टअप उद्योगों की नर्सरी
सरकार का उद्देश्य उत्तर प्रदेश में निवेश, उद्योग और स्टार्टअप इकोसिस्टम को और मजबूत करना है। इसी दिशा में स्टार्टअप मिशन डायरेक्टरेट की स्थापना की जाएगी। यह एक सोसायटी पंजीकरण के तहत कार्य करेगा और राज्य में स्टार्टअप्स को बेहतर सुविधाएं, मार्गदर्शन और प्रोत्साहन उपलब्ध कराएगा।
अब तक स्टार्टअप से जुड़े कार्य यूपी इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन लिमिटेड के माध्यम से संचालित होते थे, लेकिन नई व्यवस्था के तहत इसके लिए अलग से एक स्वतंत्र संस्था बनाई जाएगी। इस संस्था का अपना सीईओ, अलग इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रशासनिक ढांचा होगा, जिससे स्टार्टअप्स को अधिक प्रभावी सहयोग मिल सकेगा।
श्रमिकों के बच्चों के लिए मेडिकल शिक्षा और अस्पतालों की बड़ी सौगात
उत्तर प्रदेश सरकार ने श्रमिक परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और मेडिकल शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अहम फैसला लिया है।कैबिनेट के फैसले के तहत गोरखपुर और मुरादाबाद में 55 एकड़ भूमि श्रमिकों के लिए अस्पताल बनाने हेतु उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं, वाराणसी में 13 एकड़ भूमि मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए निःशुल्क आवंटित की जाएगी।
इस पहल के तहत बनने वाले मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की 50 प्रतिशत सीटें श्रमिकों के बच्चों के लिए आरक्षित रहेंगी। इनमें 18 प्रतिशत सीटों पर राज्य सरकार और 7 प्रतिशत सीटों पर केंद्र सरकार के माध्यम से छात्रों का चयन किया जाएगा। प्रवेश प्रक्रिया NEET के माध्यम से होगी।
सरकार का कहना है कि इस योजना से प्रदेश के श्रमिक परिवारों के बच्चों को मेडिकल शिक्षा का बेहतर अवसर मिलेगा। साथ ही, अस्पताल और मेडिकल कॉलेज बनने से स्वास्थ्य सेवाएं भी मजबूत होंगी। यह पहल उत्तर प्रदेश के श्रमिकों के लिए एक बड़ी सुविधा और उपलब्धि साबित होगी।
पशुपालकों के लिए पशु बीमा योजना को मंजूरी
उत्तर प्रदेश सरकार ने पशुपालकों को आर्थिक सुरक्षा देने के लिए पशु बीमा योजना को मंजूरी दी है। इस योजना का उद्देश्य पशुओं की नस्ल सुधार के साथसाथ किसानों और पशुपालकों को उनके पशुओं की मृत्यु की स्थिति में आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। योजना के तहत विभिन्न पशुओं के लिए बीमा राशि तय की गई है।
मुर्रा नस्ल की भैंस पर अधिकतम 75 हजार रुपये तक का बीमा मिलेगा, जबकि अन्य भैंसों के लिए 50 हजार रुपये तक की बीमा राशि निर्धारित की गई है। वहीं, साहीवाल, गिर और विदेशी क्रॉसब्रीड गायों के लिए 65 हजार रुपये तक तथा गंगातीरी और हरियाणवी नस्ल की गायों के लिए 60 हजार रुपये तक का बीमा मिलेगा। इसके अलावा बैल के लिए 10 हजार रुपये तक की बीमा राशि तय की गई है।
योजना में बकरी, भेड़ और मुर्गी जैसे अन्य पशुओं को भी शामिल किया गया है। यदि बीमित पशु की बीमारी, दुर्घटना या प्राकृतिक आपदा के कारण मृत्यु हो जाती है, तो बीमा कंपनी एक महीने के भीतर पशुपालक को बीमा राशि का भुगतान करेगी।
जलालाबाद अब कहलाएगा “परशुरामपुरी”
6 जुलाई सोमवार को हुई योगी कैबिनेट में बड़ा फैसला लेते हुए शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम बदल दिया गया है। जिसके बाद अब जलालाबाद का नया नाम “परशुरामपुरी” होगा। कैबिनेट में बताया गया कि घोषणा भगवान परशुराम की जन्मस्थली के रूप में ये क्षेत्र प्रसिद्ध है। इसके आपको बता दें जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों की मांग पर ये फैसला लिया गया है।


