देश में लगातार बढ़ती पेट्रोलडीजल की कीमतों और E20 पेट्रोल को लेकर चल रही चर्चाओं का असर अब कार बाजार में भी साफ दिखाई देने लगा है. लोग अब की बजाय CNG, हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक कारों को ज्यादा पसंद कर रहे हैं. इसका नतीजा यह हुआ कि जून 2026 में भारत में कारों की रिटेल बिक्री में शानदार बढ़ोतरी दर्ज की गई.

ऑटो डीलर्स की संस्था FADA के ताजा आंकड़ों के अनुसार, जून 2026 में देशभर में 4,10,853 वाहनों की रिटेल बिक्री हुई. यह पिछले साल जून के मुकाबले करीब 28.6% ज्यादा है. जून 2025 में 3,19,412 वाहन बिके थे. वहीं, मई 2026 की तुलना में भी बिक्री में करीब 2% की बढ़ोतरी दर्ज की गई. अगर चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही यानी अप्रैल से जून 2026 की बात करें, तो इस दौरान देश में 12,55,933 कारों की बिक्री हुई. पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा 10,24,101 यूनिट था. यानी इस साल बिक्री में 22.64% की सालाना बढ़ोतरी हुई है.

सबसे ज्यादा CNG कारों की मांग

इस बार सबसे बड़ी खास बात यह रही कि CNG, हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक कारों ने बिक्री को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया. पहली बार इन कारों की बिक्री में हिस्सेदारी 40% से ज्यादा पहुंच गई. जून 2026 में इनकी कुल हिस्सेदारी 40.35% रही, जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है.
आंकड़ों के अनुसार, कुल बिक्री में की हिस्सेदारी 24.33% रही. वहीं ने 8.27% और पूरी तरह ने 7.75% हिस्सेदारी दर्ज की. इससे साफ है कि अब बड़ी संख्या में ग्राहक ईंधन पर कम खर्च और बेहतर माइलेज वाली गाड़ियों की ओर बढ़ रहे हैं.

इस वजह से बदला ट्रेंड

विशेषज्ञों का मानना है कि इस बदलाव की सबसे बड़ी वजह हाल के महीनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हुई बढ़ोतरी है. मई 2026 में ईरान में बढ़े तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ीं, जिसके बाद भारत में भी पेट्रोल और डीजल के दाम कई बार बढ़ाए गए. इससे लोगों का झुकाव कम खर्च वाले विकल्पों की ओर बढ़ गया. इसके अलावा, E20 पेट्रोल को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही अलगअलग चर्चाओं और भ्रम का भी असर ग्राहकों के फैसले पर पड़ा है. कई लोग अब पेट्रोल कार खरीदने के बजाय CNG, हाइब्रिड या इलेक्ट्रिक कारों को ज्यादा सुरक्षित और किफायती विकल्प मान रहे हैं.